-मनपा–ठेकेदार गठजोड़ से मुंबईकरों की गाढ़ी कमाई पर डाका?
-ऑटोमोबाइल स्वीपिंग मशीन, ब्रश ऊपर
-जीपीएस ट्रैकिंग के सहारे बढ़ाता बिल
सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा के अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत से मुंबईकरों के टैक्स के पैसों की बर्बादी के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। मंगलवार को ऐसा ही एक और मामला सामने आया, जिसने सड़क सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोरेगांव के पास हाईवे पर सड़क की धूल साफ करने वाले ऑटोमोबाइल रोड स्वीपिंग मशीन (एमएच०१ई-डब्ल्यू ३६९६) चल तो रही थी, लेकिन सफाई के नाम पर वह जीपीएस ट्रैकिंग के सहारे सिर्फ अपना बिल बढ़ा रही थी। स्वीपिंग मशीन का ब्रश सड़क से लगभग एक फुट ऊपर ही था। जमीन की सफाई करने के बजाय वह एक फुट ऊपर ही लटका रहा था और आश्चर्य तो यह था कि जब इस मामले को लेकर एक व्यक्ति ने आपत्ति जताई तो सुमित पैâसिलिटी कंपनी के लोगों ने उसे ही धमकी दी कि ज्यादा बोलोगे तो सरकारी काम में बांधा डालने के आरोप में मामला दर्ज करवा देंगे।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से शहर में लगातार हो रही बारिश के बावजूद सड़कों पर धूल साफ करने के लिए इस्तेमाल होने वाली ऑटोमोबाइल रोड स्वीपिंग मशीनों को बेवजह दौड़ाया जा रहा है। जबकि अधिकांश सड़कें बारिश के पानी से भीगी हुई हैं और धूल-मिट्टी पहले ही बारिश के पानी से बह चुकी है। इसके बावजूद मशीनों का संचालन जारी रखकर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता ए.के. गुप्ता के अनुसार ऐसा पहला मामला नहीं है। कई स्थानों पर मशीन का सफाई करने वाला ब्रश सड़क से ऊपर उठाकर केवल वाहन को धीमी गति से चलाया जाता है। मशीन वास्तविक सफाई नहीं करती, लेकिन जीपीएस प्रणाली में उसका संचालन दर्ज होता रहता है। इसी आधार पर काम पूरा दिखाकर ठेकेदारों द्वारा भुगतान का दावा किया जाता है। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह केवल औपचारिकता निभाकर सरकारी खजाने पर बोझ डालने का तरीका बन गया है। जब बारिश स्वयं सड़कों की धूल साफ कर रही है, तब ऐसे समय में स्वीपिंग मशीनों का संचालन समझ से परे है। इस लापरवाही को लेकर शिकायतें लगातार होने के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता है। गुप्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले ने मनपा की कार्यप्रणाली, ठेकेदारों की जवाबदेही और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस मामले में मनपा के इस घनकचरा विभाग के प्रमुख किरण दीघावकर ने बताया कि हमने कुछ जगह मशीन लगाई हैं, लेकिन उनकी शिकायतें आएंगी तो निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी।
