मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई के समंदर में ‘खतरे' की आहट!

मुंबई के समंदर में ‘खतरे’ की आहट!

-लगातार दूसरे दिन विशाल जहाज तट पर फंसा

-समुद्री सुरक्षा पर उठ रहे हैं बड़े सवाल

जेदवी / मुंबई

मानसून की मार अब सिर्फ सड़कों और रेल पटरियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अरब सागर भी खतरे की घंटी बजाने लगा है। मनोरी समुद्र तट पर ‘अल जाफझिया’ मालवाहक जहाज के फंसने के महज २४ घंटे बाद बुधवार को एक और विशाल मालवाहक जहाज ‘स्टेलर रूबी’ मढ़ समुद्र तट के किनारे बहकर रेत में फंस गया। लगातार दूसरे दिन हुई इस घटना ने मुंबई की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था, नौवहन प्रबंधन और आपदा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, खराब मौसम, ऊंची लहरों और तेज हवाओं के बीच एक जहाज ‘स्टेलर रूबी’ अपना संतुलन खो बैठा और बहते हुए मढ़ बीच के पास आकर फंस गया। सूचना मिलते ही तटरक्षक बल, समुद्री प्राधिकरण और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। फिलहाल जहाज की तकनीकी जांच की जा रही है और मौसम सामान्य होने के बाद उसे सुरक्षित गहरे समुद्र में ले जाने की योजना बनाई जाएगी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने या समुद्र में तेल रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, लगातार दो दिनों में दो विशाल जहाजों का तट तक बहकर पहुंच जाना विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून के दौरान जहाजों की निगरानी, मार्गदर्शन और आपदा प्रबंधन को और मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में इससे कहीं बड़ा समुद्री हादसा हो सकता है। प्रशासन ने समुद्र में मौजूद सभी जहाजों को मौसम विभाग की चेतावनियों का सख्ती से पालन करने और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, लेकिन दो दिनों में दो घटनाओं ने समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
फिलहाल टला बड़ा खतरा
प्रशासन के अनुसार, ‘स्टेलर रूबी’ से किसी के हताहत होने या समुद्र में तेल रिसाव की सूचना नहीं है। तटरक्षक बल और विशेषज्ञों की टीम जहाज की जांच कर रही है। मौसम अनुकूल होते ही जहाज को सुरक्षित गहरे समुद्र में ले जाने के लिए बचाव अभियान शुरू किया जाएगा।

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