मुख्यपृष्ठनए समाचारराम मंदिर चढ़ावा चोरी में गोविंद गिरि पर क्यों नहीं गिरी गाज?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में गोविंद गिरि पर क्यों नहीं गिरी गाज?

 -चंपत राय के आवास पर कोषाध्यक्ष ने की गुप्त बैठक

-दोनों के बीच हुई करीब २ घंटे तक बातचीत पर भी उठे सवाल

सामना संवाददाता / अयोध्या

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की भूमिका को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इस बीच गुरुवार को गोविंद देव गिरि ने चंपत राय के आवास पर उनसे गुपचुप मुलाकात की है, दोनों में करीब दो घंटे तक बातचीत चली। इस दौरान गोविंद देव गिरि चुपचाप मीडिया के वैâमरों से बचते हुए निकल गए। उधर, राम मंदिर से जुड़े दान में कथित गबन के मामलों को लेकर संत समाज में आक्रोश देखा गया। संतों ने इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए मंदिर मैनेजमेंट को आड़े हाथों लिया।
चंदा चोरी मामले में चंपत राय का इस्तीफा होने के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने जिस तरह उनके आवास पर गुप्त मीटिंग की उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
गोविंद गिरि पर अब तक गाज क्यों नहीं गिरी?
इस तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच बंद कमरे में २ घंटे तक बातचीत हुई। गोविंद देव गिरि के इस कदम के बाद इस मामले में उनकी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।
गोविंद गिरि की भूमिका संदेह के घेरे में
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने ही सोमवार को ट्रस्ट की बैठक के बाद चंपत राय के इस्तीफे को मंजूर करने की जानकारी दी थी और अब वो उनसे चुपचाप मीटिंग भी कर रहे हैं। यहीं नहीं चंपत राय के इस्तीफे के बाद भी वो लगातार उनकी तरफ से सफाई भी दे रहे हैं और उन्हें निर्दोष बताते हुए उन्हें साथ लेकर चल रहे हैं। गोविंद देव गिरी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं। चढ़ावा चोरी मामले में पहले उन्होंने चंपत राय को ही जिम्मेदार ठहराया था और खुद को इस पूरे कांड में क्लीनचिट देते आए हैं। गिरि के ही सीए राम मंदिर में आए चढ़ावे के फंड का ऑडिट करते रहे हैं। इसलिए उनकी कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठ रहे थे और अब वो चंपत राय से गुप्त मीटिंग कर रहे हैं।

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