राजेश सरकार / प्रयागराज
एजी ब्रदरहुड यूनियन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ कर्मचारी नेता हरिशंकर तिवारी का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। रविवार प्रातः उन्होंने नश्वर शरीर को त्याग दिया। उनके निधन से देशभर के कर्मचारी यूनियनों में शोक की लहर व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि हरिशंकर तिवारी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले एक प्रमुख चेहरे रहे हैं। वे अक्सर मीडिया और राष्ट्रीय स्तर के आर्थिक मंचों पर 7वें वेतन आयोग, महंगाई भत्ते, और पेंशन नीतियों के सटीक विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। प्रयागराज के कर्मचारी नेता हरिशंकर तिवारी महालेखाकार कार्यालय, प्रयागराज से जुड़े ‘एजी ब्रदरहुड’ संगठन के पूर्व अध्यक्ष और सेक्रेट्री जनरल रहे हैं। बाद में वे ‘सिटिजन्स ब्रदरहुड’ नामक सामाजिक संगठन के अध्यक्ष भी बने। उन्हें सरकारी वेतनमान, डीए की गणना और पेंशन नियमों का विशेषज्ञ माना जाता है। केंद्र सरकार द्वारा जब भी सरकारी कर्मचारियों के भत्तों को लेकर कोई नया सूचकांक जारी किया जाता है, तो उनकी गणनाओं को राष्ट्रीय वित्तीय मीडिया द्वारा प्रमुखता से उद्धृत किया जाता है। न्यू पेंशन स्कीम के मुकाबले वे हमेशा पुरानी पेंशन योजना की बहाली के प्रखर समर्थक रहे हैं। उन्होंने कई बार मंचों से कहा कि ‘ओपीएस’ कर्मचारियों के सेवानिवृत्त जीवन और उनके परिवारों को अधिक सुरक्षा प्रदान करता है।
महंगाई भत्ते की सटीक गणना
अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आंकड़ों के आधार पर वे केंद्रीय कर्मचारियों के डीए की अग्रिम घोषणाओं की सटीक गणना करने के लिए प्रसिद्ध हैं।
सीजीएचएस और चिकित्सा सुविधाएं
प्रयागराज में केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की डिस्पेंसरियों के जरिए बुजुर्ग पेंशनरों और गंभीर मरीजों को बिना हीला-हवाली के निजी अस्पतालों में रेफर करने और बेहतर इलाज दिलाने की व्यवस्थाओं के लिए उन्होंने लंबी आवाज उठाई। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद, पोस्टल और अन्य केंद्रीय विभागों के कर्मचारियों को 10, 20 और 30 साल की सेवा के आधार पर मिलने वाले एमएसीपी लाभों और दीवाली बोनस को लागू कराने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
सामाजिक जीवन
कर्मचारी राजनीति से इतर, वे प्रयागराज में विभिन्न ट्रेड यूनियनों, मजदूर दिवस सम्मेलनों और सामाजिक कल्याण के कार्यक्रमों में बतौर मुख्य वक्ता या सामाजिक कार्यकर्ता सक्रिय रूप से हिस्सा लेते रहे हैं। कर्मचारी नेता जेपी तिवारी और एकेएस अस्थाना ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
