शीतल अवस्थी
धर्म ग्रंथों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में प्रमुख रूप से भगवान शंकर व देवी शक्ति की आराधना करने से गुप्त सिद्धियां प्राप्त होती हैं। कहते हैं इन दिनों किए जाने वाले टोने-टोटके भी बहुत प्रभावशाली होते हैं, जिनके माध्यम से कोई भी मनोकामना पूर्ति कर सकता है। गुप्त नवरात्रि में किए जाने वाले कुछ टोटके इस प्रकार हैं-
यदि लड़की के विवाह में बाधा आ रही है तो गुप्त नवरात्रि में पड़ने वाले गुरुवार के दिन केले की जड़ थोड़ी काटकर ले आएं और इसे पीले कपड़े में बांधकर लड़की के गले में बांध दें। शीघ्र ही विवाह हो जाएगा। यदि आपके बच्चे को अक्सर नजर लगती है तो नवरात्रि में हनुमानजी के मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें और दाहिने पैर का सिंदूर बच्चे के मस्तक पर लगाएं। बच्चे को नजर नहीं लगेगी। यदि नौकरी नहीं मिल रही है तो भैरवजी के मंदिर जाकर प्रार्थना करें व नैवेद्य चढ़ाएं। इससे नौकरी से संबंधित आपकी सभी समस्याएं हल हो जाएंगी। शत्रुओं की संख्या बढ़ गई है और उनसे भय लगने लगा है तो नवरात्रि में प्रतिदिन भगवान नृसिंह के मंदिर में जाकर उनका दर्शन करें व पूजन करें। धन प्राप्ति के लिए लक्ष्मी-नारायण के मंदिर में जाकर खीर व मिश्री का प्रसाद चढ़ाएं व शुक्रवार के दिन ९ वर्ष तक की कन्याओं को उनकी पसंद का भोजन कराएं। हो सके तो उन्हें कुछ उपहार भी दें। पीपल के पत्ते पर राम लिखकर तथा कुछ मीठा रखकर हनुमान मंदिर में चढ़ाएं। इससे भी धन लाभ होने लगेगा। भगवान शंकर आरोग्य के देवता है। नवरात्रि में उन्हें प्रतिदिन सुबह एक लोटा जल चढ़ाएं और रोग निवारण के लिए प्रार्थना करें। शीघ्र ही आपके स्वास्थ्य में लाभ होगा।
