सामना संवाददाता / मुरादाबाद
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर साइंस ने एक और उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधनों के क्षेत्र में कॉलेज के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार मौर्य और प्रो. महेश सिंह को मशरूम पाउडर आधारित फेस पैक संरचना पर भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से यूटिलिटी पेटेंट प्राप्त हुआ है। प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित नवाचार और स्वदेशी प्रौद्योगिकी के विकास की दिशा में इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस पेटेंट में सीएमपी पीजी कॉलेज, प्रयागराज की डॉ. हेमलता पंत और मंगलायतन यूनिवर्सिटी, जबलपुर के डॉ. विन्नी जॉन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह पेटेंट भारतीय विज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करने वाली उपलब्धि माना जा रहा है।
कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नवाचार भविष्य में प्राकृतिक, सुरक्षित और समाजोपयोगी कॉस्मेटिक उत्पादों के विकास के साथ-साथ भारतीय अनुसंधान और उद्योग जगत को नई दिशा देगा।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह फेस पैक मशरूम में पाए जाने वाले पोषक तत्वों और जैव-सक्रिय यौगिकों के गुणों पर आधारित है। इसकी संरचना में प्राकृतिक अवयवों का समावेश किया गया है, जो त्वचा की देखभाल के लिए सुरक्षित, प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प प्रदान करने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने बताया कि यह नवाचार हर्बल और प्राकृतिक कॉस्मेटिक उत्पादों के विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ टिकाऊ उत्पादों के उपयोग को भी बढ़ावा देगा। वर्तमान समय में रसायन-मुक्त और प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह पेटेंट भारतीय वैज्ञानिकों की अनुसंधान क्षमता, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शोध का उत्कृष्ट उदाहरण है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि इस उपलब्धि से कॉस्मेटिक उद्योग, कृषि आधारित उद्यमों, मशरूम प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में नए अनुसंधान, स्टार्टअप और व्यावसायिक अवसरों का भी विस्तार होगा।
