अनिल मिश्र / पटना
विश्व के करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था और विश्वास के प्रतीक अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के जिम्मेदार श्रीराम मंदिर निर्माण तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों, मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा करने वाले देश के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से चुप्पी तोड़ने तथा दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी विश्व के 119 करोड़ सनातनियों के सहयोग से चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी।
इस संबंध में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति के संयोजक प्रो. विजय कुमार मिट्ठू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, विपिन बिहारी सिन्हा, शिव कुमार चौरसिया, युगल किशोर सिंह और विद्या शर्मा आदि ने कहा कि भाजपा और आरएसएस द्वारा श्रीराम मंदिर शिलापूजन के समय वर्ष 1991 में 800 करोड़ रुपये के चंदे की हेराफेरी की बात तत्कालीन वित्त विभाग के पदाधिकारी द्वारा उजागर की गई थी। उस समय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह पर दबाव बनाया गया और समर्थन वापस लेने की मांग के बाद इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि जब श्रीराम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ तो जमीन घोटाले की बातें सामने आईं, लेकिन उसे भी दबा दिया गया। अब 40 दिनों तक सीसीटीवी बंद रहने और 70 बार चढ़ावा चोरी की बातें सामने आने से देशभर के सनातनियों में आक्रोश है। आमजन के चढ़ावे के रुपये, सोना, चांदी और जवाहरात की चोरी की घटना उनकी आस्था पर करारा प्रहार है।
इन नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सनातनियों और आमजनों के सहयोग से बिहार के चारों रामायण सर्किट—गया जी के सीता कुंड मंदिर, बक्सर के विश्वामित्र आश्रम, सीतामढ़ी के माता सीता मंदिर और दरभंगा में राजा जनक के स्थानों—से विशाल श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी उजागर कराओ संघर्ष समिति के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी। इसमें कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
