मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिएआईसीटीई के संग टीएमयू की एफडीपी में मानवीय मूल्यों पर मंथन

एआईसीटीई के संग टीएमयू की एफडीपी में मानवीय मूल्यों पर मंथन

-तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में शिक्षा में यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज को प्रभावी बनाने पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार, 50 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

सामना संवाददाता / मुरादाबाद 

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के सहयोग से यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज (यूएचवी) पर आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में विशेषज्ञों ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल ज्ञान और कौशल आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिकता, उत्तरदायित्व, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के विकास पर भी समान रूप से बल देती है। यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज इसी दृष्टिकोण को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम है।
विशेषज्ञों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को कक्षा शिक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी सक्षम बनाते हैं।
इससे पूर्व उद्घाटन सत्र में सीटीएलडी के निदेशक प्रो. पंकज कुमार सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि कहा कि व्यक्ति, परिवार, समाज और प्रकृति के बीच संतुलित एवं उत्तरदायी संबंध ही सतत विकास और शांतिपूर्ण जीवन का आधार हैं।
इस अवसर पर तीर्थंकर पार्श्वनाथ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, अमरोहा की प्राचार्य प्रो. श्योली सेन और तीर्थंकर महावीर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, मुरादाबाद की प्रिंसिपल प्रो. जसलीन एम. बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहीं। कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल प्रो. रामनिवास सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
एफडीपी में एआईसीटीई की ओर से नामित विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु कुमार राय और डॉ. नियति गर्ग ने विभिन्न विषयों पर संवादात्मक सत्र संचालित किए, जबकि श्री आकाश मिश्रा ने एआईसीटीई ऑब्जर्वर के रूप में प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन किया।
प्रशिक्षण के दौरान समग्र विकास और शिक्षा की भूमिका, स्व-अन्वेषण, सुख एवं समृद्धि, मानव में सामंजस्य, स्टोरी ऑफ स्टफ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही प्रतिभागियों के लिए संवादात्मक पुनरावलोकन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें समृद्धि एवं स्वास्थ्य, परिवार में विश्वास, परस्पर सम्मान जैसे मानवीय मूल्यों को व्यावहारिक जीवन से जोड़कर समझाया गया।
एफडीपी के अंतिम दिन समाज, प्रकृति और समग्र अस्तित्व के साथ सामंजस्य स्थापित करने की अवधारणा पर विस्तृत मंथन हुआ। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों की लगभग 50 फैकल्टीज के साथ एपेक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन, सेंट मीरा एकेडमी और इम्पैक्ट कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी सहित अन्य संस्थानों के शिक्षकों ने भी प्रतिभाग किया।
एआईसीटीई प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को ऐसे मानवीय मूल्यों से जोड़ना था, जो विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और मूल्यपरक शिक्षा को सशक्त बना सकें। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय डॉ. नेहा आनंद ने किया। एफडीपी में श्री प्रदीप कुमार वर्मा, डॉ. वरुण कुमार सिंह, श्री शुभम कश्यप आदि भी मौजूद रहे।

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