मैं ‘दोपहर का सामना’ के माध्यम से मनपा अधिकारियों का ध्यान उल्हासनगर की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। उल्हासनगर-३ के पवई से विट्ठलवाड़ी और शांतिनगर जाने वाले मार्ग का निर्माण किया गया है। यातायात सुविधा के लिए सड़क पर डिवाइडर बनाया जा रहा है तथा लाइट के पोल भी लगाए जा रहे हैं। लेकिन चिंता की बात यह है कि कुछ दूरी तक ही डिवाइडर और लाइट के पोल लगाए गए हैं, जबकि आगे का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। सड़क किनारे डिवाइडर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले पत्थर खुले में पड़े हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आरोप है कि एमएमआरडीए के नाम पर ठेकेदार द्वारा घटिया और असुरक्षित निर्माण कार्य किया जा रहा है। सड़क का निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है, लेकिन कई जगहों पर दरारें (चीरे) दिखाई देने लगी हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों, शासन और प्रशासन को इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।
किशन लासी, उल्हासनगर
