मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई मसाला :  ‘पीके' स्टाइल विरोध ने मचाई हलचल!

मुंबई मसाला :  ‘पीके’ स्टाइल विरोध ने मचाई हलचल!

-नीट आंदोलन में युवक का अनोखा अंदाज वायरल
-भगवान के स्टीकर से शुरू हुई नई बहस

जेदवी

नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर में उठी छात्र आवाज ने इस बार आंदोलन की पारंपरिक तस्वीर ही बदल दी है। जंतर-मंतर से लेकर मुंबई तक विरोध-प्रदर्शन के ऐसे-ऐसे दृश्य सामने आए, जिन्होंने यह साबित कर दिया कि नई पीढ़ी सिर्फ नारे नहीं लगाती, बल्कि अपने विरोध को अलग पहचान देने के लिए नए प्रतीकों और नए तरीकों का सहारा भी लेती है।
इसी कड़ी में मुंबई से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में एक युवक आमिर खान की चर्चित फिल्म ‘पीके’ के एक दृश्य से प्रेरित होकर अपने दोनों गालों पर भगवान के पोस्टर चिपकाकर प्रदर्शन में पहुंचा। उसका तर्क था कि यदि चेहरे पर भगवान की तस्वीर होगी तो पुलिस उस पर हाथ नहीं उठाएगी। वैâमरे के सामने वह आत्मविश्वास से कहता भी दिखाई देता है, ‘हम पूरे प्रोटेक्शन से आए हैं… हमको कोई कुछ नहीं करेगा।’
लेकिन कुछ ही देर में पूरा घटनाक्रम बदल गया। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि वहां मौजूद लोगों ने भगवान की तस्वीरों के इस तरह इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। इसके बाद युवक को घेर लिया गया और उसके गालों से स्टीकर हटवाए गए। इस दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति भी बन गई। घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी। एक पक्ष इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताकर युवक की आलोचना कर रहा है, तो दूसरा पक्ष भीड़ और पुलिस के कथित आक्रामक व्यवहार पर सवाल उठा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक नई सोच भी सामने रखी है। आज का युवा आंदोलन सिर्फ सड़कों पर भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रतीकों, फिल्मों, सोशल मीडिया और रचनात्मक तरीकों के जरिए अपनी बात देश के सामने रखने की कोशिश कर रहा है। विरोध का यह नया अंदाज बताता है कि जैन जी बदलाव चाहता है और आंदोलन की भाषा भी बदल गई है।
हालांकि, यह भी उतना ही सच है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही जरूरी उसकी मर्यादा भी है। रचनात्मक अभिव्यक्ति और संवेदनशील सामाजिक-धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखना ही किसी भी जनआंदोलन की सबसे बड़ी कसौटी माना जाता है।
विरोध का नया तरीका, बहस का नया मुद्दा
मुंबई के प्रदर्शन में युवक का अनोखा अंदाज चर्चा का केंद्र बन गया। चेहरे पर भगवान के स्टीकर लगाकर पहुंचे युवक का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया। एक ओर इसे विरोध की रचनात्मक शैली बताया गया, वहीं दूसरी ओर धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए।

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