-छात्र अंदोलन में शामिल युवक को नकाबपोशों ने जमकर पीटा
-बंगलुरु घटना पर उठे सवाल
-विपक्ष ने लगाया छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
बंगलुरु में नीट प्रोटेस्ट में शामिल होने को लेकर ४ नकाबपोश लोगों ने एक १९ वर्षीय छात्र के साथ मारपीट की है। छात्र ने अपनी शिकायत में बताया है कि हमलावरों ने उसे डंडों से पीटने से पहले पूछा, `क्या तुम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा चाहते हो?’
बंगलुरु में नीट विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक छात्र पर कथित हमले का मामला सामने आया है। जलाहल्ली इलाके में १९ वर्षीय छात्र अमन दीप सिंह ने चार नकाबपोश लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। छात्र का कहना है कि हमलावरों ने पहले उसकी पहचान पूछी और राजनीतिक सवाल करने के बाद लाठी से हमला कर दिया। अमन दीप का आरोप है कि उन नकाबपोश लोगों ने पहले उन्हें रोका। फिर आपस में बात करके यह पक्का किया कि क्या यह वही अमन दीप सिंह हैं, जो छात्र संगठन से जुड़े हैं। जब उन्हें यकीन हो गया तो हमलावरों ने अमन दीप को गालियां देना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने उनसे राजनीतिक रूप से जुड़ा एक सीधा सवाल पूछा। उन्होंने कहा, `अबे साले, क्या तू चाहता है कि प्रधानमंत्री मोदी इस्तीफा दें?’ शिकायत के अनुसार, घटना २८ जुलाई की रात करीब १०:३० बजे बीईएल सर्कल के पास हुई।
सीसीटीवी से खुलेगा नकाबपोश हमलावरों का राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन या व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना ने छात्र आंदोलनों, राजनीतिक असहमति और विरोध की आवाजों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
`देश में गाली देना कब से अपराध बना’
पीएम मोदी को गाली देने वाली छात्रा के बचाव में आए सीजेपी
छात्र प्रदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने पर २५ वर्षीय रुचिका सिंह के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद सीजेपी के सौरव दास ने कहा, `रुचिका पर एफआईआर दर्ज करना गलत है। देश में गाली देना कब से अपराध बन गया।’ उन्होंने पुलिस से कहा, ‘आपराधिक मामलों वाले नेताओं पर कार्रवाई करें और युवाओं को परेशान न करें।’
