एम एम एस
कंगना रनौत उनके अनोखे और कभी-कभी अनर्गल बयानों के लिए काफी फेमस हैं! लेकिन कहते हैं न कि नहले को दहला मिलता ही है! यहां भी वही बात है, उन्हें पता नहीं था कि उन्होंने सीजेपी पर वार करके मधुमक्खी के छत्ते पर हाथ डाल दिया!
उनका पाला पड़ा है कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास से, जिन्होंने अपने मजेदार और तीखे तंज से इंटरनेट पर आग लगा दी है और उस आग ने देश के राजनीति को हिला कर रख दिया है। यहां शिक्षा मंत्री प्रधान की एग्जिट क्या हुई बड़बोली ऐक्ट्रेस और सांसद कंगना से रहा नहीं गया और उन्होंने `उल्टी’ शुरू कर दी। दोनों तरफ से बैटिंग बॉलिंग होती रही, लेकिन जो चुप बैठ जाए वो कंगना नहीं!
मामला तब गरमाया, जब कंगना रनौत ने फिर से एक इंटरव्यू में अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कुछ ‘अनोखे तथ्य’ परोस दिए। इस पर सीजेपी के सौरव दास ने कंगना के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि मैडम जो बातें कह रही हैं, उन्हें देखकर तो खुद ‘गूगल बाबा’ भी चक्कर खा जाते होंगे और उन्हें गलत जवाब दे बैठते होंगे!
सोचिए, जिस गूगल पर पूरी दुनिया आंख बंद करके भरोसा करती है, वह भी कंगना जी के अपने पर्सनल एल्गोरिदम के आगे हार मान जाता होगा! सौरव दास के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। लोग चटकारे लेकर कह रहे हैं कि अब गूगल को कंगना जी के बयानों के लिए एक नया `चेतावनी बोर्ड’ लगाना चाहिए,`सावधान! इस सर्च का वास्तविकता और गूगल के डेटाबेस से कोई संबंध नहीं है।’
वैसे, सीजेपी का स्टाइल ही अलग है। युवाओं के इस व्यंग्यात्मक आंदोलन ने दिखा दिया है कि गंभीर से गंभीर मुद्दे हों या फिर नेताओं की बड़बोलेपन वाली आदतें, उन पर तंज कसने के लिए भारी-भरकम शब्दों की नहीं, बल्कि एक करारे मीम और चुटीले बयान की जरूरत होती है।
कंगना जी का कॉन्फिडेंस तो हमेशा १००/१०० रहता है, लेकिन सौरव दास के इस `गूगल वाले पंच’ ने उन्हें बिना किसी ओटीपी के ही लॉग-आउट कर दिया है। अब देखना यह है कि कंगना जी इस पर गूगल को देशद्रोही ठहराती हैं या फिर इंटरनेट कनेक्शन बंद करने की मांग करती हैं!
