द्रुप्ति झा / मुंबई
मायानगरी मुंबई में मानसून की बारिश शुरू होते ही मच्छरों से पैâलने वाली बीमारियों का प्रकोप फिर से डराने लगा है। मॉनसून के दौरान शहर में डेंगू और मलेरिया के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। मुंबई के सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार और प्लेटलेट्स कम होने की समस्या से जूझ रहे मरीजों की कतारें लंबी होती जा रही हैं। शहर में डेंगू-मलेरिया का दायरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मध्य-जुलाई तक मुंबई में डेंगू के मामलों में करीब २८ फीसदी और मलेरिया के मामलों में लगभग १८ फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। डेंगू के मामले पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बढ़कर ९३८ तक पहुंच गए हैं और मलेरिया के मामले ३,६८१ के पार पहुंच चुके हैं।
लेप्टोस्पायरोसिस और स्वाइन फ्लू के मामले भी दोगुनी-तिगुनी तेजी से बढ़ रहे हैं। जगह-जगह जमा पानी, खुली नालियां और जारी निर्माण केंद्र बन चुके हैं जबकि मनपा का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है और कीट-नियंत्रण विभाग पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। मनपा के अनुसार, अब तक १० लाख से अधिक घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। हालांकि हालातों को देखते हुए ये तमाम आंकड़े सिर्फ फाइलों और विज्ञापनों तक सीमित नजर आ रही है, जहां धरातल पर फॉगिंग और दवा का छिड़काव न के बराबर हो रहा है।
