मुख्यपृष्ठस्तंभदिल्ली लाइव : जवाबदेही से कब तक भागेंगे अमित शाह?

दिल्ली लाइव : जवाबदेही से कब तक भागेंगे अमित शाह?

अरुण कुमार गुप्ता

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में गृहमंत्री अमित शाह की जवाबदेही पर सवाल क्या उठाया भाजपा ने लाला रामदेव, गोदी मीडिया और इंफ्लुएंसर सभी को मैदान में उतार दिया। यह सभी सरकार की लाइन को तोते की तरह दोहराने लगे हैं। सवाल यह है कि क्या देश में विपक्ष का कोई किरदार नहीं है। विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता है। आपको बता दें कि २०१४ से पहले जो आंदोलन होते थे, आम जनता का हथियार हुआ करते थे। आज मोदी सरकार ने आंदोलनकारियों को देश विरोधी बताना शुरू कर दिया है। वही ’लाला रामदेव’ कहते हैं कि देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं चलेगा, लेकिन ’लाला रामदेव’ यह भूल गए कि वह रामलीला मैदान में क्या रामलीला करने उतरे थे। जब वह महिलाओं के कपड़े पहनकर आधी रात को अपने समर्थकों को पिटने के लिए छोड़कर भागे थे। काला धन, भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर आंदोलन शुरू किया था। क्या काला धन विदेशों से आया। देश में भ्रष्टाचार खत्म हुआ। अब बात करते हैं आम लोगों की तो बेशक कानून बनाए जाएंगे संसद में, लेकिन सरकार पर ढबाव आंदोलन के जरिए ही होगा। यह आंदोलन सड़क पर ही होते हैं। सवाल यह है कि प्रधानमंत्री तय करते हैं कि मंत्री कौन बनेगा तो प्रधानमंत्री की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। आज तक अपने १२ साल के कार्यकाल में मोदी जी ने एक भी प्रेस कॉन्प्रâेंस क्यों नहीं की? क्या इंस्टाग्राम में तीन वीडियो पोस्ट कर देने से प्रधानमंत्री का काम पूरा हो जाता है? २० जुलाई को जंतर मंतर पर पुलिस ने छात्रों के साथ बर्बरता की। क्या गृहमंत्री अमित शाह को संसद नहीं आना चाहिए और विपक्ष के सवालों का जवाब नहीं देना चाहिए। विपक्ष के सवालों से आखिरकार अमित शाह कब तक भागेंगे?
सिर्फ स्वदेशी का ढोल!
देश के लोग आज बहुरूपिए नेताओं का सामना कर रहे हैं। देशवासियों को ऐसे बहरूपिए नेताओं से सावधान रहना चाहिए। अब हम थोड़ी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी कर लेते हैं। वे कहते हैं कि स्वदेशी अपनाइए। इसी के तहत कुछ समय पहले उन्होंने हैंडलूम अपनाने की वकालत की थी और कहा था कि हमें हैंडलूम से कुछ ना कुछ जरूर खरीदना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी की इस बात पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने उन्हें बहुरूपिया की संज्ञा देते हुए सावधान रहने की अपील की है और कहा है कि अंधभक्तों सावधान हो जाइए। इस देश में कोई स्वदेशी नाम की चीज नहीं बची है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले खुद स्वदेशी चीजें अपना कर मिसाल कायम करनी चाहिए। प्रधानमंत्री की हर चीज विदेशी है। चाहे उनका ८,००० करोड़ का हवाई जहाज हो, जो अमेरिका से बना है। चश्मा हो, घड़ी हो, कपड़े हों, सभी विदेशी हैं। भारत की अर्थव्यवस्था विदेश में गिरवी रख दी गई है। यहां यह भी ध्यान देने वाली बात है कि भारत हर साल चीन से १३ लाख करोड़ का सामान मंगाता है। ८ लाख करोड़ का सामान रूस से, ७ लाख करोड़ का सामान यूएई से, ६ लाख करोड़ का सामान अमेरिका से, चार लाख करोड़ का सामान सऊदी अरब से, ३.३० लाख करोड़ का सामान ईरान से, ३ लाख करोड़ का सामान इंडोनेशिया से, ढाई लाख करोड़ का सामान दक्षिण कोरिया से, सिंगापुर से ढाई लाख करोड़ और जापान से २ लाख करोड़ का सामान आयात किया जाता है, फिर स्वदेशी बचा कहां है।

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