मुख्यपृष्ठग्लैमर‘कॉमेडी करना मुझे उबाऊ लगता है!’

‘कॉमेडी करना मुझे उबाऊ लगता है!’

-बॉलीवुड अभिनेता श्रेयस तलपदे का फिल्मी सफर बेहद दिलचस्प रहा है। हिंदी-मराठी फिल्मों की चर्चित अभिनेत्रियां जयश्री टी और मीना टी उनकी मौसियां हैं। ‘इकबाल’ से पहचान बनाने वाले श्रेयस ने ‘ओम शांति ओम’ और ‘गोलमाल’ सीरीज सहित कई फिल्मों में शानदार अभिनय किया। २०२३ में दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्होंने वापसी की। उनकी फिल्म ‘वेलकम टू जंगल’ हाल ही में रिलीज हुई है। वहीं, ‘द इंडियाज स्टोरी’ में काजल अग्रवाल के साथ उनके अभिनय की खूब तारीफ हो रही है। पेश हैं, श्रेयस तलपदे से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश।

-श्रेयस, आप लगातार हिंदी और मराठी फिल्मों/ओटीटी में काम करते नजर आते हैं, आपका कंफर्ट जोन क्या है?
मुझे मराठी और हिंदी दोनों भाषाएं समान रूप से पसंद हैं। मराठी मेरी मातृभाषा है और बचपन संयुक्त परिवार में बीता, जहां घर में मराठी बोलने के साथ श्लोक, कविताएं, प्रार्थनाएं और अभंग पढ़े जाते थे। इससे मराठी पर मेरी पकड़ मजबूत हुई। वहीं, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई और बॉलीवुड में हिंदी-अंग्रेजी बोलने वाले सह-कलाकारों के कारण दोनों भाषाओं में सहजता बनी। आज भाषा करियर में बाधा नहीं है। यह अखिल भारतीय सिनेमा का दौर है, जहां कलाकार अलग-अलग भारतीय भाषाओं में काम कर रहे हैं। अपनी भाषा की गरिमा और गुणवत्ता बरकरार रखते हुए दूसरी भाषाओं में काम करना गर्व की बात है।
-क्या सार्थक फिल्मों के लिए यह सही समय है?
विषयवस्तु हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। जो लोग कुछ अलग और गंभीर देखना चाहते हैं, वे ऐसी फिल्मों से जुड़ते हैं। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि महाराष्ट्र में आज जिस तरह की परिस्थितियां हैं, वहां तुकाराम जी जैसे लोग जिम्मेदारी निभा रहे हैं। खाने जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर भी लोगों को अब संदेह होने लगा है। पनीर से लेकर सब्जियों, अंडों और चिकन तक की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। घर का खाना भी पूरी तरह सुरक्षित है या नहीं, यह चिंता बनी रहती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर फिल्म बनना जरूरी था और मुझे खुशी है कि मैं इसका हिस्सा हूं।
-आप असल जिंदगी में खाने-पीने को लेकर कितने नखरे वाले हैं?
फिल्म की शूटिंग और रिसर्च के दौरान मुझे खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। यहां तक कि दूध में मिलावट की बात जानकर मैंने दूध, पनीर और कुछ अन्य चीजें खाना छोड़ दिया। मांग अधिक और आपूर्ति कम होने के कारण सस्ती चीजें कई गुना कीमत पर बिक रही हैं। ऐसे में हम क्या खा रहे हैं, यह चिंता का विषय है। जैविक उत्पादों के नाम पर भी लोग बिना सवाल किए भरोसा कर लेते हैं। हमारी फिल्म इसी गंभीर समस्या को सामने लाती है। यह एक ऐसे परिवार की कहानी है, जिसका जीवन मिलावटी और असुरक्षित भोजन के कारण पूरी तरह बदल जाता है।
-इस फिल्म का लोगों पर कितना प्रभाव पड़ेगा?
इसका असर लोगों पर पड़ सकता है या कुछ लोग इसे नजरअंदाज कर सकते हैं, लेकिन जब उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं, तो उन्हें एहसास होता है कि उन्हें सावधान रहना चाहिए था। जब तक परिणाम भुगतने न पड़ें, तब तक इस पर ध्यान न देना मानवीय स्वभाव है।
-आपने दमदार भूमिकाएं निभाई हैं, लेकिन दर्शक आपको हास्य भूमिकाओं में ज्यादा पसंद करते हैं। आपको व्यक्तिगत रूप से कौन-सी भूमिकाएं पसंद हैं?
कॉमेडी में मेरी भूमिकाओं को लोगों ने पसंद किया है, लेकिन सच कहूं तो लोगों को हंसाना आसान नहीं है। एक अभिनेता के तौर पर लगातार कॉमेडी करना मुझे उबाऊ लगता है। मुझे गंभीर भूमिकाएं करना ज्यादा पसंद है, क्योंकि अभिनय का असली आनंद अलग-अलग किरदार निभाने में है।
-ऐसा कहा जाता है कि अभिनेता ऐसे मुद्दों पर राजनेताओं की तुलना में अधिक जागरूकता पैदा कर सकते हैं?
हमने यह फिल्म इस उम्मीद से बनाई है कि इससे जागरूकता पैâलेगी या इस विषय पर चर्चा शुरू होगी। मुझे नहीं लगता कि अभिनेता इतना बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं, वरना हर फिल्म सफल हो जाती। यह सब जनता पर निर्भर करता है; जब तक वे खुद पहल नहीं करेंगे, कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्हें खुद बदलाव लाना होगा। यह कलाकारों के लिए अभिव्यक्ति का एक माध्यम है, हम जागरूकता पैदा करते हैं, लेकिन फिर दर्शकों को यह सोचना होगा कि वे इससे क्या सीख सकते हैं।
-क्या आपको निर्माता बनने की प्रक्रिया में आनंद आ रहा है?
फिल्म निर्माण एक बेहद दिलचस्प प्रक्रिया है। ‘सनाई चौघड़े’ के दौरान पहल करने के लिए सुभाष घई को धन्यवाद। खासकर चूंकि मैं इस उद्योग में एक निर्माता हूं, इसलिए आप फिल्म निर्माण की पूरी प्रक्रिया में शामिल होते हैं। कहानी से लेकर कास्टिंग तक, शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन और फिर रिलीज तक, आपको बहुत कुछ सीखने को मिलता है। हां, मुझे मुनाफे की चिंता है, लेकिन कितना खर्च करना है, यह सोच-समझकर लिया गया जोखिम है।

अन्य समाचार