मुख्यपृष्ठस्तंभएग्स फ्रीज कराने पर क्यों मचा हंगामा?

एग्स फ्रीज कराने पर क्यों मचा हंगामा?

-अमेरिकी सांसद के फैसले ने राजनीति को भी गरमाया

ई राज

‘मैंने अभी-अभी फर्टिलिटी क्लिनिक में अपनी प्रक्रिया पूरी की है और अपने एग्स (अंडों) को फ्रीज कराने का फैसला किया है,’ अमेरिकी सांसद अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्तेज का यही सार्वजनिक बयान सोशल मीडिया पर आते ही अमेरिका की राजनीति और समाज में एक नई बहस का केंद्र बन गया।
३६ वर्षीय डेमोक्रेटिक कांग्रेसवुमन ने अपने इंस्टाग्राम पर पहला हार्मोन इंजेक्शन लेने का वीडियो साझा करते हुए इस पूरी प्रक्रिया के अपने अनुभव को बेहद बेबाकी से उजागर किया।
एओसी के इस बयान ने न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन के एक महत्वपूर्ण निर्णय को दुनिया के सामने रखा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य, फर्टिलिटी और कामकाजी जीवन की व्यावहारिक चुनौतियों पर भी एक बड़ा संवाद छेड़ दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महंगी चिकित्सा प्रक्रिया के लिए उन्होंने लंबे समय तक बचत की थी। उनके अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य महिलाओं को यह संदेश देना है कि वे अपने करियर, जीवन के फैसलों और शरीर पर पूर्ण नियंत्रण रखने का अधिकार रखती हैं।
राजनीतिक और
सामाजिक प्रतिक्रिया:
सांसद के इस बयान के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
समर्थक: महिला अधिकार कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने एओसी के इस कदम को साहसिक बताया। उनका कहना है कि इस विषय पर सार्वजनिक रूप से बात करने से फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को लेकर समाज में फैली झिझक खत्म होगी और महिलाओं को अपने भविष्य के फैसले लेने में मदद मिलेगी।
आलोचक: वहीं, दक्षिणपंथी और कंजर्वेटिव आलोचकों ने इसे आगामी २०२८ चुनावों से जोड़ते हुए राजनीतिक लाभ पाने का एक ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया।
एग प्राइजिंग की बढ़ती स्वीकार्यता
एओसी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में ३० से ३८ वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं के बीच एग प्रâीजिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। बढ़ती उम्र में फर्टिलिटी की प्राकृतिक गिरावट को देखते हुए महिलाएं भविष्य में मातृत्व के विकल्प को सुरक्षित रखने के लिए इस तकनीक का सहारा ले रही हैं।
एओसी के इस बयान ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिक दौर में महिलाओं के व्यक्तिगत और जैविक पैâसले अब केवल व्यक्तिगत न रहकर व्यापक सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन चुके हैं।

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