मुख्यपृष्ठग्लैमरफिर झलका कंगना का अहंकार...पहले मेरे बराबर बनो, फिर ज्ञान देना!

फिर झलका कंगना का अहंकार…पहले मेरे बराबर बनो, फिर ज्ञान देना!

-आशुतोष राणा, सोनू सूद और तापसी पन्नू पर भड़कीं भाजपा सांसद
-आलोचकों को बताया असफल और अप्रासंगिक

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने तेवरों को लेकर चर्चा में हैं। आलोचनाओं से घिरी कंगना ने अब आशुतोष राणा, सोनू सूद और तापसी पन्नू समेत कई लोगों पर पलटवार करते हुए साफ कहा है कि वे किसी का ‘ज्ञान’ तभी सुनेंगी, जब वह उनके बराबर सफलता हासिल करके दिखाए।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा कि आए दिन कुछ लोग उनके बोलने के तरीके और व्यवहार पर टिप्पणी करते हैं। उन्होंने आशुतोष राणा, सोनू सूद, तापसी पन्नू और राखी सावंत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग लगातार उनके खिलाफ बयान देते रहते हैं। कंगना ने यहां तक कहा कि यदि कोई उनकी सफलता का एक प्रतिशत भी हासिल नहीं कर पाया है तो वह उसकी सलाह क्यों सुनें।
यहीं कंगना का जवाब आलोचना से आगे बढ़कर श्रेष्ठता-बोध में बदलता दिखाई दिया। सवाल यह नहीं कि कंगना सफल अभिनेत्री हैं या नहीं। सवाल यह है कि क्या सफलता किसी व्यक्ति को आलोचना से ऊपर उठा देती है? क्या कम सफल व्यक्ति का तर्क सिर्फ इसलिए गलत हो जाता है क्योंकि उसकी फिल्मों ने कम कमाई की?
राजनीति और सार्वजनिक जीवन में तो पैमाना और भी अलग होता है। सांसद बनने के बाद आलोचना सुनना पद का हिस्सा है, पुरस्कार नहीं।
कंगना का नया सिद्धांत अगर राजनीति में लागू हो गया तो जनता भी शायद पूछे—‘मैडम, पहले प्रधानमंत्री बनकर दिखाएं, तभी क्या सांसद से सवाल पूछा जा सकता है?’
यानी फिर वही कंगना—जवाब कम, अहंकार ज्यादा।

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