फिरोज खान / मुंबई
झारखंड-बिहार बॉर्डर से खतरनाक खेल खेला जा रहा है। यह साइबर गैंग मुंबई के कई वीआईपी नेताओं को अब तक निशाना बना चुका है और करोड़ों की ठगी को अंजाम दे चुका है। साइबर अपराधियों का मोडस ऑपरेंडी यह है कि वह दिग्गज नेताओं को कूरियर के नाम पर कॉन्टेक्ट करके उनके मोबाइल का सारा कंट्रोल हथिया लेता है और उनके कॉन्टेक्ट लिस्ट के लोगों को इमरजेंसी के नाम पर पैसों की डिमांड करता है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मनपा के अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी भिड़े का वीकेंड में व्हॉट्सऐप अकाउंट धोखेबाजों के हाथों में चला गया, जिसके बाद आरोपियों ने उनकी कॉन्टेक्ट लिस्ट में शामिल लोगों से पैसे मांगे। भिड़े उन जानी-मानी हस्तियों में से एक हैं, जो इस ‘कूरियर स्वैâम’ का शिकार हुए हैं। इससे पहले नेता शाइना एनसी, मराठी अभिनेत्री वनिता खरात, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा भी इसी तरह के स्वैâम का शिकार हो चुके हैं। मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, मनपा कमिश्नर को एक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने दावा किया कि वह एक पार्सल देने आया है। जब उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई ऑर्डर नहीं दिया है, तो उस व्यक्ति ने उन्हें एक नंबर पर कॉल करने को कहा, जो वह मैसेज कर रहा है। अधिकारी ने बताया कि मैसेज में ङ२१ के बाद एक मोबाइल नंबर और फिर क्ष् लिखा था। अधिकारी के मुताबिक, ङ२१ के बाद मोबाइल नंबर और अंत में क्ष् असल में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिवेट करने का कोड है।
एक कॉल और वीआईपी का व्हॉट्सऐप कब्जे में!
‘कूरियर आया है’ के बहाने साइबर ठग पहले कॉल-फॉरवर्डिंग चालू कराते हैं, फिर व्हॉट्सऐप का वेरिफिकेशन कॉल अपने नंबर पर हासिल कर लेते हैं। अकाउंट हाथ लगते ही कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को इमरजेंसी का हवाला देकर पैसे मांगे जाते हैं। हाईप्रोफाइल पहचान ही ठगों का सबसे बड़ा हथियार है।
