-ट्रेन की देरी और भीड़ ने बढ़ाया जान का जोखिम
-रेलवे की अव्यवस्था से जानलेवा हुआ लोकल सफर
जेदवी / मुंबई
मुंबई की लोकल ट्रेन को शहर की लाइफलाइन कहा जाता है, लेकिन यही लाइफलाइन अब यात्रियों के लिए जानलेवा जोखिम बनती जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने रेलवे की व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खचाखच भरे महिला डिब्बे के बाहर कई महिलाएं तेज रफ्तार लोकल के फुटबोर्ड पर लटककर सफर करती दिखाई दे रही हैं। कुछ यात्री केवल बाहरी हैंडल का सहारा लेकर ट्रेन के साथ जिंदगी का जुआ खेलते नजर आ रहे हैं। जरा-सी चूक और सीधे मौत के मुंह में जाने का खतरा!
यह वीडियो एक्स यूजर पल्लवी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ गई। लोगों का कहना है कि ‘ट्रेन मिल जाएगी, जिंदगी नहीं’। लेकिन सवाल केवल यात्रियों की लापरवाही का नहीं है। लोकल ट्रेनों में भारी भीड़, लगातार बढ़ता यात्री दबाव और सेवाओं में देरी ने हालात को इस कदर बिगाड़ दिया है कि समय पर मंजिल तक पहुंचने की मजबूरी में यात्री अपनी जान जोखिम में डालने लगे हैं। २४ अगस्त की सुबह मध्य और पश्चिम रेलवे पर तकनीकी खराबियों तथा ओवरहेड वायर से जुड़ी दिक्कतों के कारण कई सेवाएं प्रभावित हुर्इं। ट्रेनों की देरी से स्टेशनों पर भीड़ बढ़ी और पहले से ठसाठस भरी लोकल में चढ़ने के लिए यात्रियों को खतरनाक तरीके अपनाने पड़े। रेलवे प्रशासन फुटबोर्ड पर यात्रा न करने की अपील कर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर सकता। जब ट्रेनें समय पर नहीं चलेंगी और भीड़ के अनुपात में सेवाएं नहीं बढ़ेंगी, तो केवल चेतावनी से हालात नहीं बदलेंगे।
