मुख्यपृष्ठनए समाचारअडानी की मनमानी, मुंबईकरों पर हवाई आफत!

अडानी की मनमानी, मुंबईकरों पर हवाई आफत!

 -८० साल पुराने टी१ पर चलेगा हथौड़ा
-५० लाख यात्रियों की बढ़ेगी मुसीबत

सामना संवाददाता / मुंबई

अडानी समूह के इशारों पर नाच रहे प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर आम मुंबईकरों को भुगतना पड़ेगा। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ऐतिहासिक और ८० साल पुराने टर्मिनल-१ (टी१) को ध्वस्त करने के अडानी समूह के फरमान से हवाई यात्रियों के सिर पर मुसीबतों का पहाड़ टूटने वाला है। १५ जनवरी से टी१बी के उत्तरी हिस्से पर हथौड़ा चलाने की तैयारी है, जिससे सालाना ५० लाख यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाएगी। पुनर्विकास और आधुनिकीकरण के नाम पर मुंबईकरों को नई मुंबई तक भागदौड़ करने पर मजबूर किया जा रहा है, जिससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होना तय है। अडानी की इस मनमानी के तहत १ अक्टूबर से ही एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को जबरन नई मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने का खेल शुरू हो रहा है। इसके बाद २५ अक्टूबर से टी१ की उड़ानों का बोझ टी२ पर लाद दिया जाएगा। टी२ पहले से ही क्षमता से अधिक दबाव झेल रहा है, ऐसे में अतिरिक्त उड़ानों और यात्रियों का बोझ आने से वहां भारी अव्यवस्था, लंबी कतारें और अफरा-तफरी मचना निश्चित है। अकासा एयर जैसी एयरलाइंस को पहले ही खदेड़कर टी२ भेज दिया गया है और अब अन्य कंपनियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है।
मुंबई और नई मुंबई दोनों हवाई अड्डों पर अडानी समूह का कब्जा है। अपने व्यापारिक फायदे और दोनों हवाई अड्डों पर एकाधिकार मजबूत करने के लिए आम जनता की सहूलियत को ताक पर रख दिया गया है। मुंबई के बीचों-बीच उतरने वाले यात्रियों को अब शहर से दूर नई मुंबई का लंबा और खर्चीला चक्कर काटना पड़ेगा। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री से जॉइंट ट्रांजिशन ग्रुप बनाने की गुहार लगाकर अडानी समूह अपनी नाकामियों और यात्रियों को होने वाली असुविधा से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है। ‘विकास’ के इस ढोंग में आखिरकार मुंबईकर ही पिसने को मजबूर हैं!

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