– एक महीने में दो मासूमों की मौत
– महाराष्ट्र में दो सालों में ५८४ मौतें
राधेश्याम सिंह / पालघर
पालघर के मासवण स्थित अनुदानित आश्रमशाला में कक्षा पहली के मासूम छात्र कुमार श्रीयांश शैलेश आंबात की अचानक मौत ने आदिवासी विद्यार्थियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। २४ अगस्त को तबीयत बिगड़ने के बाद छात्र को मनोर ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
जानकारी के अनुसार, श्रीयांश को २२ अगस्त को बुखार आया था। उसे मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार कराया गया और वापस स्कूल लाया गया। लेकिन २४ अगस्त को उसकी हालत फिर बिगड़ गई। जांच में ऑक्सीजन स्तर कम पाया गया, जिसके बाद उसे मनोर ग्रामीण अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया। एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना, डहाणू के परियोजना अधिकारी विशाल खत्री (आईएएस), जिला स्वास्थ्य अधिकारी और तालुका स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया। लापरवाही के मामले में आश्रमशाला के अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
खाने की सामग्री भी जांच के घेरे में
मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने स्कूल पहुंचकर मसाले, हल्दी, मिर्च, तेल सहित खाद्य सामग्री के नमूने जब्त कर जांच के लिए भेजे हैं। विद्यार्थियों के लिए वॉटर फिल्टर भी लगाया गया है।
जिम्मेदारों को नोटिस, जांच समिति गठित
आदिसी सेवा मंडल, मुंबई के अध्यक्ष और सचिव, प्राथमिक मुख्याध्यापक तथा पहली कक्षा के शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। छात्र की मौत की गहन जांच के लिए विशेष समिति गठित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
३० बच्चे स्वास्थ्य केंद्र में
आश्रमशाला में कुल ४४९ विद्यार्थी हैं, जिनमें ३९५ छात्रावास में रहते हैं। छात्र की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जांच शुरू की। सर्दी-बुखार के लक्षण पाए जाने पर ३० विद्यार्थियों को मासवण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और निगरानी में रखा गया है। इनमें से पांच बच्चों को डॉक्टरों की सलाह पर आगे के उपचार के लिए मनोर ग्रामीण अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन का दावा है कि सभी विद्यार्थियों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
