-भाजपा की कोर बैठक में फूटा अंदरूनी कलह
-रितू तावडे-राजश्री शिरवडकर आमने-सामने, अमित साटम के सामने ही तीखी बहस
-लगातार विवादों से मुंबई भाजपा बेचैन, अध्यक्ष को देनी पड़ी सफाई
सामना संवाददाता / मुंबई
महापौर रितू तावडे एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। महापौर बनने के बाद से लगातार उठ रहे विवादों और आरोपों के बीच अब उनका ‘शुक्राचार्य’ वाला बयान भाजपा के भीतर ही चर्चा का विषय बन गया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर पर निशाना साधा है। दोनों के बीच तनाव अब चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम के सामने ही रितू तावडे और राजेश्री शिरवडकर के बीच तीखी बहस भी हुई।
वहीं महापौर इन विवादों के लिए कुछ महिला नेताओं को जिम्मेदार बता रही हैं। उनका कहना है कि कुछ ‘शुक्राचार्य’ उनके शुभ कामों में रोड़ा अटका रहे हैं। महापौर के इस बयान को लेकर भाजपा के भीतर भी नाराजगी सामने आई है। मुंबई भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में महापौर के बयान और लगातार सामने आ रहे विवादों को लेकर वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जताई।
दो महिला नेताओं की तकरार से बढ़ी बेचैनी
दरअसल, महापौर रितू तावडे और शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर के बीच चल रही कथित अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है। इसी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए तावडे ने अप्रत्यक्ष रूप से कुछ लोगों को ‘शुक्राचार्य’ कहा था। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर कई नेताओं पर निशाना साधने के तौर पर देखा जा रहा है।
कोर कमेटी में महापौर के कामकाज पर सवाल
मुंबई भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में महापौर के कामकाज और लगातार विवादों में घिरने को लेकर सवाल उठाए गए। बैठक में महापौर, सभागृह नेता गणेश खणकर, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे और शिक्षा समिति अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर से महानगरपालिका में समन्वय की कमी और आपसी मतभेदों को लेकर जवाब मांगा गया।
अमित साटम की दो टूक हिदायत
मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने स्पष्ट संदेश दिया कि मनपा के अंदरूनी विवादों को संबंधित नेताओं को स्वयं सुलझाना होगा। पार्टी को हर छोटे-बड़े विवाद में घसीटने से बचने की हिदायत भी दिए जाने की बात सामने आई है। कोर कमेटी में हुई चर्चा से साफ है कि महापौर और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान अब भाजपा के लिए भी परेशानी का सबब बनती जा रही है।
‘महापौर बनते ही बढ़ी पार्टी की मुश्किलें’
पार्टी के आंतरिक सूत्रों के मुताबिक, रितू तावडे के मुंबई महापौर बनने के बाद से भाजपा लगातार विवादों में घिर रही है। पार्टी के कुछ नेता अब उन्हें ‘पनौती’ यानी अपशगुन मानने लगे हैं। उनका कहना है कि महापौर के विवादों के कारण मनपा में भाजपा की जमकर किरकिरी हो रही है।
