सामना संवाददाता / मुंबई
रत्नागिरी जिले की लोटे औद्योगिक क्षेत्र (एमआईडीसी) में कई उद्योग मुश्किलों में फंसने के कारण बंद होने के कगार पर हैं। राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत रत्नागिरी के ही हैं और लोटे एमआईडीसी के उद्यमियों ने उनसे कई बार चर्चा भी की है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे कल लोटे एमआईडीसी का दौरा कर वहां के उद्यमियों की समस्याएं जानेंगे।
बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से उद्यमी परेशान
शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे बुधवार शाम साढ़े चार बजे लोटे एमआईडीसी का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद लोटे स्थित उद्योग भवन में उद्यमियों के साथ संवाद करेंगे। उद्यमियों का आरोप है कि उद्योग मंत्री रत्नागिरी के होने के बावजूद रत्नागिरी का अपेक्षित औद्योगिक विकास नहीं हुआ है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार और उद्योग मंत्री की उपेक्षा के कारण रोजगार उपलब्ध करानेवाले कई बड़े उद्योग बंद हो गए हैं। उद्यमियों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो एक दिन लोटे एमआईडीसी भी वीरान हो जाएगी।
लोटे एमआईडीसी में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली से उद्यमी परेशान हैं। सड़कों की मरम्मत नहीं होना, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होना, बिजली और पानी की अनियमित आपूर्ति, सीवेज और मल-निकासी की पाइपलाइनों की सफाई नहीं होना तथा श्रमिकों को राज्य कामगार बीमा योजना के अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलना जैसी कई समस्याओं का उन्हें सामना करना पड़ रहा है।
उद्यमियों की मांग है कि ईएसआईसी अस्पताल के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए, गानेखडपोली पुल का काम पूरा किया जाए तथा पेट्रोल और डीजल बैरल अथवा ड्रम के माध्यम से उपलब्ध नहीं होने के कारण उत्पन्न समस्याओं का समाधान किया जाए। साथ ही छोटे उद्यमियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इसके अलावा इस एमआईडीसी में पीएफएएस जैसे अत्यंत विषैले रसायन का उत्पादन करनेवाली लक्ष्मी ऑर्गेनिक कंपनी का भी स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है।
नागोठणे, माणगांव और डोलवी की सड़कों का भी करेंगे निरीक्षण
लोटे एमआईडीसी जाने से पहले आदित्य ठाकरे नागोठणे, माणगांव और डोलवी में बदहाल हो चुकी सड़कों का भी निरीक्षण करेंगे। इन सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढे होने के बावजूद प्रशासन द्वारा मरम्मत नहीं किए जाने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
