-पूर्व सीईसी का ईसी पर बड़ा हमला चुनाव आयोग से एसवाई कुरैशी का सीधा सवाल, `अवैध प्रवासी कितने मिले?’
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर सवालों की बौछार तेज हो गई है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने आयोग पर तीखा तंज कसते हुए सवाल किया कि जिस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य ‘अवैध प्रवासियों’ की पहचान करना बताया गया था, आखिर अब तक कितने ऐसे लोगों की पहचान हुई? कुरैशी ने दावा किया कि इस कवायद में करीब १४-१५ करोड़ लोगों को मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि आयोग ने इतनी बड़ी आबादी को हटाने का काम कर दिखाया, लेकिन जिन ‘अवैध प्रवासियों’ को खोजने के लिए अभियान चलाया गया, उनका आंकड़ा सामने नहीं रखा गया। कुरैशी ने यह भी कहा कि मतदान संविधान के अनुच्छेद ३२६ के तहत अधिकार है, कोई सरकारी ‘खैरात’ नहीं।
महाराष्ट्र में एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची ने विवाद और बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, करीब ९.७८ करोड़ मतदाताओं में से ७.७१ करोड़ के ही सत्यापन फॉर्म जमा हुए, जिससे ड्राफ्ट सूची में २.०७ करोड़ नाम कम हो गए। विपक्ष इसे ‘वोट चोरी’ से जोड़कर सवाल उठा रहा है। हालांकि, आयोग का कहना है कि ड्राफ्ट सूची से नाम हटना अंतिम निष्कासन नहीं है। पात्र नागरिक ३० सितंबर तक फॉर्म-६ के जरिए नाम जोड़ने का दावा कर सकते हैं। अंतिम सूची ४ नवंबर को जारी होगी।
