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टैैक्स भरने के बावजूद आम लोगों को अच्छी सड़कें नहीं…यह दुर्भाग्यपूर्ण… आदित्य ठाकरे ने की सरकार की तीखी आलोचना

सामना संवाददाता / पुणे

गड्ढों के कारण होने वाली मौतों, भारी ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान पुणे के हिंजवडी क्षेत्र के नागरिक शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे भी इस मोर्चे में शामिल हुए। उन्होंने महायुति सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आम नागरिकों को टैक्स भरने के बावजूद अच्छी सड़कें नहीं मिलतीं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंजवडी के आईटी कर्मचारी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में इस मोर्चे में शामिल हुए। बिना किसी राजनीतिक बैनर के नागरिकों ने मोर्चे में भाग लेकर अपनी समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बातचीत के दौरान नागरिकों के इस प्रयास की सराहना की और साथ ही सरकार की उदासीनता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिंजवडी जैसे आईटी पार्क में सड़कों, स्वच्छता और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी मोर्चा निकालना और संघर्ष करना पड़ रहा है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह अभाव है।
आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया कि यदि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण हिंजवडी की आईटी कंपनियां दूसरे स्थानों पर चली गर्इं, तो हजारों लोगों के रोजगार का क्या होगा?
हिंजवडी मेट्रो जल्द से जल्द शुरू करें
हिंजवडी मेट्रो का काम पूरा होने के बावजूद केवल उद्घाटन के लिए समय नहीं मिलने के कारण इसे रोककर रखा गया है, ऐसा आरोप लगाते हुए आदित्य ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दो दिन पहले इस क्षेत्र में आए थे, लेकिन उन्होंने आईटी कर्मचारियों से मुलाकात तक नहीं की। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि ठान लें तो ये सभी समस्याएं एक सप्ताह में हल हो सकती हैं। मेट्रो के लिए फीता काटने की जरूरत नहीं है। लोगों के लिए यह सेवा जल्द से जल्द शुरू की जाए। इसके बाद सरकार को बैनर और होर्डिंग लगाकर जितना श्रेय लेना है, ले सकती है।
डीजे को लेकर सभी को स्वीकार्य फैसला हो
पुणे में डीजे के विरोध में निकाले गए मोर्चे पर भी आदित्य ठाकरे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक संगठनों और कार्यकर्ताओं की ही नहीं, बल्कि पुणेकरों और स्थानीय नागरिकों की आवाज भी सुनी जानी चाहिए।

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