राजेश सरकार / प्रयागराज
अपनों के बिछड़ने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। खासकर जब सिर से बुजुर्गों का साया उठ जाए तो परिवार के बीच एक ऐसा खालीपन पैदा हो जाता है, जिसे भर पाना आसान नहीं होता। मंगलवार को रसूलाबाद स्थित मुक्तिधाम परिसर में पत्रकार देवाशीष श्रीवास्तव की सास स्व. विजयलक्ष्मी श्रीवास्तव की शोक सभा में यही भावुक माहौल देखने को मिला।
पूर्व विधायक एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनुग्रह नारायण सिंह ने शोक सभा में पहुंचकर दिवंगत विजयलक्ष्मी श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का साया सिर से उठने के बाद जिंदगी में गहरा खालीपन महसूस होने लगता है। उनका आशीर्वाद परिवार के लिए सबसे बड़ी ताकत होता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार पर बुजुर्गों का आशीर्वाद हमेशा बना रहे।
बताया गया कि विजयलक्ष्मी श्रीवास्तव लिवर में संक्रमण के चलते स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में करीब 15 दिनों से जिंदगी और मौत से जूझ रही थीं। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सोमवार देर रात 56 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की खबर मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों, पत्रकारों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
शोक सभा में नैनी के पत्रकारों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वरिष्ठ पत्रकार राजेश सरकार, राजीव वर्मा, घनश्याम दत्त शुक्ला, मोहम्मद नसीम, शहर के चर्चित एंकर एवं रंगमंच कर्मी प्रियांशु श्रीवास्तव, उनके भाई प्रत्यांशु श्रीवास्तव समेत अन्य शुभचिंतक और परिचित मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की ईश्वर से कामना की।
