मुख्यपृष्ठनए समाचारमुंबई मनपा में वाकयुद्ध!..विरोधियों से भरा शेडो सभागृह

मुंबई मनपा में वाकयुद्ध!..विरोधियों से भरा शेडो सभागृह

-२० हजार करोड़ रुपए की संपत्ति बिल्डरों के जेब में डालने की साजिश!
-विपक्ष को बोलने का मौका भी नहीं दिया, प्रस्ताव पास

सामना संवाददाता / मुंबई

मुंबई महानगरपालिका में सत्ताधारी भाजपा मुंबई को बेचने निकाल चुकी है। महानगरपालिका की २० हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की कीमत की जमीनें कौड़ियों के भाव निजी बिल्डरों को सौंपी जा रही हैं। मैदानों और भूखंडों का आरक्षण बदलकर उन्हें हड़पने की साजिश रची जा रही है। सुधार समिति के १५ अहम प्रस्ताव आज महासभा में बिना चर्चा के बहुमत के जोर पर मंजूर कर लिए गए, जिसके बाद विपक्ष ने प्रस्ताव फाड़कर नारेबाजी करते हुए सभात्याग किया और बाहर प्रतिसभागृह भरकर विरोध जताया।
सुधार समिति की २८ जुलाई और २४ अगस्त २०२६ की बैठक के ये प्रस्ताव २० हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति से जुड़े हैं। इनमें जमीन हस्तांतरण, लीज, आरक्षण बदलाव और पुनर्विकास शामिल हैं। महापौर रितु तावडे ने विपक्ष को बोलने का मौका दिए बिना प्रस्ताव मंजूरी के लिए रख दिए।
विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने हमला बोलते हुए कहा, ‘भाजपा और शिंदे गुट मुंबई बेचने निकाल पड़े हैं। सूचना-उपसूचना के बावजूद महापौर विपक्ष की ओर देखती तक नहीं। भाजपा सब बेच रही है और बालासाहेब के विचारों की बात करने वाला शिंदे गुट सिर झुकाए बैठा है। यह बिल्डरों की तिजोरी भरने का धंधा है।’
सबसे बड़ा विवाद वरली की सेंचुरी मिल की जमीन को लेकर है। यह जमीन मजदूरों के घरों के लिए आरक्षित थी, लेकिन इसे पेडर रियलिटी यानी जिंदल कंपनी को १ रुपए की मामूली दर पर देने का प्रस्ताव है। शिवसेना नगरसेवक सचिन पडवल ने चेतावनी दी कि अगर यह लूट नहीं रुकी तो हम सड़क पर उतरेंगे। कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने कहा, इससे बिल्डर १३ हजार करोड़ कमाएगा, महानगरपालिका और मजदूरों को कुछ नहीं मिलेगा। इसके अलावा मरोल में ६६,६८७ वर्ग मीटर जमीन पर सेवनहिल्स अस्पताल को ३० प्लस ३० साल के लिए देना, मुलुंड की १५ एकड़ जमीन धारावी पुनर्विकास के लिए देना और खेल के मैदान का आरक्षण बदलकर पेट्रोल पंप को देना जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। विरोध में शिवसेना, कांग्रेस, मनसे, एमआईएम और सपा ने एकजुट होकर अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे का घेराव किया और मांग की कि सभी प्रस्ताव रद्द किए जाएं या स्थगित किए जाएं।
२० हजार करोड़ की जमीन पर घमासान
मुंबई मनपा की २० हजार करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की जमीनों से जुड़े १५ प्रस्ताव महासभा में बिना चर्चा मंजूर किए जाने का विपक्ष ने आरोप लगाया। विरोध में शिवसेना, कांग्रेस, मनसे, एमआईएम और सपा ने सभात्याग किया और प्रस्ताव रद्द करने की मांग की।

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