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मुस्लिम वर्ल्ड : घर में घुसकर मार रहे हूती!.. सऊदी की मदद को कौन आएगा?

सूफी खान

ईरान-अमेरिका, इजरायल जंग के बीच एक और जंग भीषण हो गई है। सऊदी अरब और यमन के अंसारुल्लाह की अदावत अब उस मोड़ पर जा पहुंची है कि सऊदी ने तय कर लिया है कि हूतियों के कंट्रोल वाले यमन की राजधानी सना पर किसी भी सूरत में कब्जा करना है। इसके लिए सऊदी अरब ने कई देशों का एक एलायंस भी बनाया है। लेकिन बावजूद इसके ईरान हिमायती अंसारुल्लाह हावी हैं।
मंगलवार को हूतियों ने सऊदी अरब के साउथ के इलाके को निशाने पर ले लिया। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो हूतियों का दावा है कि उन्होेंने अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयरबेस और तेल की सबसे बड़ी रिफाइरी आरामको पर मिसाइल और ड्रोन दागे। हूतियों की तरफ से कहा गया है कि सऊदी अरब को ये समझना होगा कि यमनी लोगों के खिलाफ अपराध और जुल्म का दौर खत्म हो चुका है। अब आपकी बेरोकटोक जनसंहार करने की नीति नहीं चलने वाली। इधर ईरान अमेरिका के साथ जंग में फंसा हुआ है, लेकिन ईरान हिमायती यमन के अंसारुल्लाह ने सऊदी अरब की हालत खराब करके रख दी है। एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर सऊदी अरब राजधानी सना पर कब्जे की कोशिश करेगा और सऊदी के साथ हाल ही में डील किए तुर्की और पाकिस्तान ने उसकी मदद की तो फिर ईरान भी हूतियों के लिए मैदान में उतर सकता है।
दरअसल प्रो सऊदी यमन सरकार हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेना चाहती है, जबकि हूती लाल सागर के तटीय इलाकों और बाब अल-मंदेब के आसपास अपनी पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। इस लड़ाई की शुरुआत भी सऊदी ने की थी। १३ जुलाई को हूतियों के कुछ लीडर और डेलिगेशन इमाम आयतुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में शामिल होने के बाद ईरान से यमन लौट रहा था। लेकिन यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने इस प्लेन को सना एयरपोर्ट पर उतरने ही नहीं दिया। यमन सरकार का कहना था कि हूती अधिकारी यमन की नेशनल एयरलाइन से ही वापस लौटें। उन्हें ईरान की एयरलाइन में आने नहीं दिया जाएगा। वहीं हूती ईरानी विमान को सीधे सना में उतारने पर अड़े रहे। इसके बाद सऊदी सरकार समर्थित फोर्स ने सना एयरपोर्ट के रनवे को बम से उड़ा दिया, ताकि ईरानी विमान वहां उतर न सके। नतीजतन, हूती नेताओं वाला प्लेन सना एयरपोर्ट पर उतर ही नहीं सका। प्लेन ने अपना रास्ता बदलकर होदीदाह एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, जो हूतियों के कंट्रोल में है। इस घटना के बाद हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नेवल ब्लॉकेड का एलान कर दिया। बाब-अल-मंदेब पर सऊदी तेल टेंकरों को निशाना बनाया और मामला बिगड़ता चला गया। सऊदी अरब पर हमलों से कुछ घंटे पहले हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया था कि सऊदी अरब ने अल-हज्म शहर में एक जेल पर हमला किया था। इस हमले में ११ लोग मारे गए। इसके बाद से ही हूती सऊदी अरब के कारोबारी, एनर्जी और फौजी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। पिछले दिनों जिस मक्का पैक्ट का ढोल पीटा गया था, उसके असली इम्तेहान का वक्त अब आया है। क्योंकि इस मुस्लिम नाटो की शर्त ही यही है कि एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है कि सऊदी पर अंसारुल्लाह के इतने भयानक हमलों के बाद तुर्की और पाकिस्तान क्या करेंगे।

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