सामना संवाददाता / नागपुर
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी), नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के रैकेट में भाजपा के ही कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल होने का सनसनीखेज आरोप शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत ने लगाया है। राऊत ने कल मीडिया से बातचीत के दौरान महायुति सरकार पर जमकर निशाना साधा।
एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नागपुर पहुंचे संजय राऊत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य में पिछले दस वर्षों से देवेंद्र फडणवीस सत्ता में हैं, इसके बावजूद विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ जारी है। उन्होंने कहा कि हजारों विद्यार्थियों के सड़कों पर उतरने के बाद अब सरकार टास्क फोर्स गठित करने का दिखावा कर रही है। राऊत ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि निष्प्रभावी साबित हो चुके लोकसेवा आयोग को तत्काल बर्खास्त कर नई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
राम मंदिर की घटना पर भी भाजपा पर निशाना
अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में दानपेटी चोरी होने की घटना को लेकर भी राऊत ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की व्यवस्था देखने के लिए एयर मार्शल और बड़े अधिकारियों को तैनात किए जाने के बावजूद दानपेटी लूटी जा रही है। राऊत ने सवाल उठाया कि जहां राम मंदिर की यह स्थिति है, वहां यह सरकार विद्यार्थियों के भविष्य को कैसे सुरक्षित रखेगी? नागपुर में डीजे पर प्रतिबंध को लेकर बनाए गए नियमों पर बोलते हुए राऊत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय नागपुर में है। यदि डीजे के शोर से बीमार लोगों और हृदय रोगियों को परेशानी होती है तो पूरे देश में व्यापक और समान दिशानिर्देश क्यों लागू नहीं किए जाते? उन्होंने सरकार से यह सवाल किया।
‘शिंदे विश्वासघाती हैं’
इस बीच, मनोज जरांगे-पाटील के रुख का समर्थन करते हुए संजय राऊत ने कहा कि एकनाथ शिंदे कभी विश्वासपात्र साबित नहीं हो सकते। उन्होंने सवाल किया कि जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात किया, वे जरांगे के कैसे हो सकते हैं? राऊत ने यह भी आरोप लगाया कि विशाखा राऊत के खिलाफ बदले की भावना से साजिश रची जा रही है।
