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झारखंड लोक सेवा में भर्ती व्यवस्था में बदलाव की मांग तेज

-16वें दिन पलामू पहुंची सुधार यात्रा…लेस्लीगंज में देवेंद्र नाथ महतो का भव्य स्वागत

अनिल मिश्र / रांची

झारखंड में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने की मांग को लेकर जारी “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा” मंगलवार को अपने 16वें दिन पलामू जिले के प्रखंड मुख्यालय लेस्लीगंज पहुंची। गांधी चौक पर पहुंचने पर छात्र-युवाओं और स्थानीय लोगों ने यात्रा में शामिल देवेंद्र नाथ महतो एवं उनकी टीम का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान युवाओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद देवेंद्र नाथ महतो ने छात्र-युवाओं को संबोधित करते हुए झारखंड की भर्ती व्यवस्था और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में जुटे छात्र-युवाओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और नियुक्ति प्रक्रिया में लंबे समय से बनी अनिश्चितता के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। युवाओं का कहना था कि सरकारी नौकरी की तैयारी में वर्षों का समय और मेहनत लगाने के बाद यदि परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ जाए तो इसका सीधा असर अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ता है।देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, राज्य में समय-समय पर भर्ती परीक्षाओं को लेकर अलग-अलग तरह के विवाद सामने आते रहे हैं। कहीं परीक्षा की प्रक्रिया पर सवाल उठे, कहीं पेपर लीक के आरोप लगे तो कहीं परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष देखने को मिला। इन परिस्थितियों में सबसे अधिक परेशानी उन छात्र-युवाओं को होती है, जो वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।उन्होंने कहा कि “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा” किसी एक राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध का अभियान नहीं है, बल्कि राज्य की नियुक्ति व्यवस्था में आवश्यक सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर चलाया जा रहा जन-जागरूकता अभियान है।महतो ने कहा कि सरकार कोई भी हो और सत्ता में कोई भी दल हो, युवाओं को ऐसी भर्ती व्यवस्था चाहिए जिसमें परीक्षा से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक प्रत्येक चरण स्पष्ट, निष्पक्ष और जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था में खामियां बनी रहती हैं और अभ्यर्थियों के सवालों का समाधान नहीं होता है तो युवाओं की आवाज को आगे भी मजबूती से उठाया जाएगा।

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