-दो बार के स्वर्ण पदक विजेता तजिंदरपाल सिंह तूर की
-आधिकारिक पोशाक जापान नहीं पहुंची
-चयन की सूचना भी महज एक दिन पहले मिली;
-अंतिम समय में पवन सहरावत को सौंपी गई जिम्मेदारी
एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह से पहले भारतीय दल की तैयारियों में बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई। दो बार के एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को पुरुष ध्वजवाहक चुना गया था, लेकिन उनकी आधिकारिक पोशाक समय पर जापान नहीं पहुंची। इसके चलते भारतीय ओलिंपिक संघ ने अंतिम समय में उनका नाम बदलकर कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत को ध्वजवाहक बना दिया। तूर ने बताया कि उन्हें ध्वजवाहक बनाए जाने की जानकारी समारोह से सिर्फ एक दिन पहले मिली थी। आईओए ने पोशाक नहीं पहुंचने को ‘तकनीकी समस्या’ बताया। हालांकि, इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए समय पर सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था न होना खेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
पदक खिलाड़ी लाएं, किट भी नहीं पहुंचा पाया IOA!
तजिंदरपाल सिंह तूर ने देश को दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक दिलाया, लेकिन खेल प्रशासन उनकी उद्घाटन समारोह की पोशाक तक समय पर जापान नहीं पहुंचा सका। ‘तकनीकी समस्या’ कहकर जिम्मेदारी से बचना पर्याप्त नहीं है। IOA को बताना चाहिए कि किट कहां अटकी, खिलाड़ी को चयन की सूचना केवल एक दिन पहले क्यों दी गई और इस शर्मिंदगी के लिए जवाबदेह कौन है।
