-मेट्रो-४ से कांजुरमार्ग तक निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था कटघरे में
-ऊपर विकास का काम, नीचे जिंदगी, किसके भरोसे मुंबईकर
उमन गुप्ता
मुंबई में विकास परियोजनाओं की रफ्तार तेज है, लेकिन निर्माण स्थलों से सामने आ रही घटनाएं इस रफ्तार की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही हैं। विक्रोली में मेट्रो-४ की भारी लोहे की बैरिकेड गिरने से ५४ वर्षीय व्यक्ति की मौत और काजुरमार्ग में १३वीं मंजिल से करीब २०० किलो की लोहे की बीम गिरने की घटना ने खतरे की दो तस्वीरें सामने रख दी हैं।
विक्रोली पश्चिम के एलबीएस रोड पर मेट्रो-४ के निर्माण के दौरान बैरिकेड गिरने से ५४ वर्षीय वसी हैदर इस्माइली की मौत हुई। पुलिस ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है। एमएमआरडीए ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की जांच के लिए विस्तृत जांच शुरू करने और शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर ठेकेदार पर २ करोड़ रुपए का जुर्माना लगाने की जानकारी दी है। काजुरमार्ग में भी खतरा कम नहीं था। निर्माणाधीन इमारत की १३वीं मंजिल से करीब २०० किलो की लोहे की बीम नीचे गिरी और पुलिस स्टेशन के पास जा गिरी। कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन घटना के बाद ठेकेदार और सुरक्षा कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
एमएमआरडीए की कार्रवाई
विक्रोली हादसे के बाद ठेकेदार पर २ करोड़ रुपए जुर्माना। वडाला हादसे के बाद ५ करोड़ रुपए जुर्माना और सामान्य सलाहकार पर १ करोड़ रुपए की कार्रवाई की रिपोर्ट की गई है।
भारी बैरिकेड सड़क पर क्यों गिरती है? ऊंचाई से २०० किलो की बीम नीचे वैâसे पहुंचती है? क्या निर्माण सामग्री की एंकरिंग और सुरक्षा जांच नियमित होती है? क्या सड़क और निर्माण स्थल के बीच पर्याप्त सुरक्षा दूरी और सुरक्षा घेरा है? और सबसे अहम अगर पहले शिकायतें मिलती हैं, तो कार्रवाई हादसे के बाद ही क्यों नजर आती है? इन सवालों का जवाब जांच से सामने आएगा।
मौत और हादसों का आंकड़ा
आंकड़ों में निर्माण स्थलों का खतरा
मेट्रो-४ से जुड़ी मौतें : ७ महीनों में ४
१२ सितंबर : वडाला में स्टेजिंग प्लेटफॉर्म गिरने से २ श्रमिकों की मौत।
१४ फरवरी : मुलुंड में प्रीकास्ट पैरापेट गिरने से १ मौत, ३ घायल।
१८ सितंबर : विक्रोली में लोहे की बैरिकेड गिरने से १ मौत।
कांजुरमार्ग : करीब २०० किलो की बीम गिरी, कोई घायल नहीं।
