-घोटी-त्र्यंबकेश्वर सड़क की फेरमापी पर भड़का आक्रोश
-पहले संयुक्त मापी, फिर दोबारा नाप-जोख क्यों?
सुनील ओसवाल / नासिक
सिंहस्थ कुंभमेले की तैयारियों के नाम पर घोटी-त्र्यंबकेश्वर राज्य मार्ग क्रमांक १६० (अ) के चौड़ीकरण का काम तेज कर दिया गया है। सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही किसानों का आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। इगतपुरी तालुका किसान कृति समिति की कोरपगांव में हुई बैठक में प्रशासन की ओर से कथित तौर पर की जा रही फेरमापी को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए।
किसान समिति के मुताबिक, अधिकारियों की मौजूदगी में पहले ही सड़क के लिए संयुक्त मापी की जा चुकी है। इस दौरान जमीन के क्षेत्रफल के साथ मकान, पेड़, कुएं, पाइपलाइन तथा अन्य संपत्तियों का भी मूल्यांकन किया गया था। इसकी बाकायदा नोंद और नक्शा भी तैयार किया गया है। ऐसे में अब किसानों को दोबारा मापी के लिए बुलाए जाने पर समिति ने सवाल उठाया है कि जब एक बार पूरी मापी हो चुकी है तो फिर फेरमापी की जरूरत क्यों पड़ी?
किसान समिति का आरोप है कि नई मापी के लिए किसानों को विधिवत नोटिस जारी किए बिना अधिकारियों की ओर से बुलाया जा रहा है। समिति ने इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा कि यदि प्रशासन को दोबारा मापी करनी ही है तो पहले नियमानुसार राजपत्र प्रकाशित किया जाए और तीन-ए नोटिस जारी करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।
आरओडब्ल्यू के बाद की जमीन को संरक्षण की मांग
किसान समिति ने सड़क के आरओडब्ल्यू के बाद आने वाले करीब ४० से ५० मीटर क्षेत्र की जमीन और वहां मौजूद संपत्तियों को कानूनी संरक्षण देने की मांग की है। इसके अलावा पोटहिस्सा मापी के बाद ही आगे की कार्रवाई करने, प्रभावित पाइपलाइनों का उचित मुआवजा देने तथा सड़क की मौजूदा वहिवाटी चौड़ाई को आधार बनाकर आगे का नियोजन करने की मांग भी की गई है।
