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भांडुप में ‘झोलाछाप’ डॉक्टरों का काला खेल बेनकाब!

-पांचवीं पास निकला ‘डॉक्टर’
-फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे गुप्त बीमारियों का इलाज

सामना संवाददाता / मुंबई
भांडुप में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे कथित फर्जी डॉक्टरों के नेटवर्क का क्राइम ब्रांच सेल-९ और नगर स्वास्थ्य विभाग ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में दो क्लीनिकों पर छापा मारकर तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपियों में से एक महज पांचवीं पास है, जबकि दूसरे ने १२वीं तक पढ़ाई की है। इसके बावजूद ये लोग खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे थे।
क्राइम ब्रांच सेल-९ के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल धोले को सूचना मिली थी कि पश्चिम भांडुप के एलबीएस मार्ग पर ट्रिम मॉल के सामने स्थित ‘संतोष हेल्थ क्लिनिक’ और मुलुंड-गोरेगांव लिंक रोड स्थित ‘विनायक हेल्थ क्लिनिक’ में बिना वैध मेडिकल डिग्री और आधिकारिक पंजीकरण के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों क्लीनिकों पर एक साथ छापा मारा।
कार्रवाई के दौरान मोहम्मद अनवर मोहम्मद असलम (३४), मोहम्मद नबी हुसैन मोहम्मद फरीद शेख तथा इमरान अब्दुल जब्बार खान (८०) के खिलाफ कार्रवाई की गई। पूछताछ में आरोपियों से मेडिकल डिग्री और पंजीकरण संबंधी दस्तावेज मांगे गए। उन्होंने काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन द्वारा डॉ. रिजवानुल्लाह नबीनाद खान के नाम से जारी प्रमाण पत्र पेश किया।
जांच में यह प्रमाण पत्र कथित तौर पर फर्जी तरीके से इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी प्रमाण पत्र कहां से हासिल किया गया और इन क्लीनिकों में कितने समय से मरीजों का इलाज किया जा रहा था। इस कार्रवाई ने भांडुप में बिना योग्यता चिकित्सा करने वाले लोगों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्जी प्रमाणपत्र का खेल
पूछताछ में आरोपियों ने मेडिकल डिग्री के तौर पर काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन का प्रमाणपत्र दिखाया। जांच में यह प्रमाणपत्र कथित तौर पर फर्जी तरीके से इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। पुलिस अब प्रमाणपत्र की असलियत और इसे हासिल करने के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

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