अनिल मिश्र / पटना
भगवान महात्मा बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति स्थली बोधगया से महज इक्कीस किलोमीटर की दूरी पर गया जिले के पंचानपुर में स्थित दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) द्वारा विश्वविद्यालय में भारतीय भाषाओं के ज्ञान, बहुभाषिकता एवं भाषाई विविधता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘सीयूएसबी भाषा पुरस्कार’ की पहल की गई है। यह पहल माननीय कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह के दूरदर्शी मार्गदर्शन में भारतीय भाषाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुरस्कार के अंतर्गत ‘भाषा श्री’, ‘भाषा भूषण’ एवं ‘भाषा विभूषण’ तीन श्रेणियाँ शामिल हैं। विशेष रूप से कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों दोनों को इस पहल में सम्मिलित किया गया है तथा प्रत्येक श्रेणी में दोनों वर्गों के लिए पृथक पुरस्कार का प्रावधान है। इस संबंध में कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि भारत की भाषाई विविधता हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता की महत्वपूर्ण शक्ति है। अनेक भारतीय भाषाओं का ज्ञान व्यक्ति के ज्ञान-विस्तार के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं को समझने का अवसर प्रदान करता है। सीयूएसबी भाषा पुरस्कार के माध्यम से हमारा प्रयास है कि विश्वविद्यालय परिवार में भारतीय भाषाओं के प्रति रुचि, सम्मान और सीखने की संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में निहित भारतीय भाषाओं एवं बहुभाषिकता को बढ़ावा देने की भावना के अनुरूप है। पुरस्कार के लिए सीयूएसबी भाषा श्री पुरस्कार समिति द्वारा तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार आवेदन एवं चयन प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
