मुख्यपृष्ठस्तंभज्ञानेश कुमार पर घमासान... क्या जाएगी मोदी-शाह की कुर्सी?

ज्ञानेश कुमार पर घमासान… क्या जाएगी मोदी-शाह की कुर्सी?

– `गैरकानूनी चुनाव’ का खड़गे का आरोप, बैलेट पेपर की मांग पर पूरा विपक्ष एकजुट
– एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर मोदी सरकार पर चौतरफा हमला

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

चुनावी मैदान में अब मुकाबला सिर्फ सत्ता और विपक्ष के बीच नहीं रह गया है, बल्कि चुनाव कराने वाली संस्था तक पहुंच गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष के हमले के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साध दिया है। खड़गे ने दावा किया कि देश में हुए चुनाव ही ‘गैरकानूनी’ हैं और इसी आधार पर मोदी प्रधानमंत्री तथा शाह गृह मंत्री के पद पर हैं। कांग्रेस ने सभी सदनों को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाई है।
सवाल अब यह है कि ज्ञानेश कुमार पर शुरू हुआ विवाद क्या मोदी-शाह की कुर्सी तक पहुंचेगा? विपक्ष का तर्क है कि यदि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं तो उन चुनावों से बनी सरकार की नैतिक वैधता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। कांग्रेस कार्यसमिति पहले ही मोदी और शाह के इस्तीफे की मांग कर चुकी है और आरोप लगाया है कि कथित ‘वोट चोरी’ के पीछे चुनाव आयोग के जरिए सत्ता का इस्तेमाल किया गया।
अब आगे क्या होगा?
मोदी सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है, एक तरफ चुनावी व्यवस्था पर उठते सवाल और दूसरी तरफ सड़कों पर उतरता विपक्ष। खड़गे का हमला इस विवाद को सीधे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की राजनीतिक जिम्मेदारी से जोड़ रहा है। सरकार बदलने या प्रधानमंत्री पद पर बदलाव के लिए संवैधानिक और संसदीय प्रक्रिया जरूरी है। फिलहाल इतना जरूर है कि ज्ञानेश कुमार से शुरू हुआ चुनावी विवाद अब मोदी-शाह तक पहुंच चुका है।

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