-नायरा एनर्जी के ७,१०८ पंपों पर शनिवार तड़के से नई दरें लागू
-सरकारी कंपनियों और जियो-बीपी ने अभी नहीं बढ़ाए दाम
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अंतर्राष्ट्रीय तेल संकट की आग अब भारतीय पेट्रोल पंपों तक पहुंच गई है। देश की सबसे बड़ी निजी र्इंधन विक्रेता नायरा एनर्जी ने शनिवार तड़के से पेट्रोल के दाम में ५ रुपए और डीजल में ३ रुपए प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी। नई कीमतें देशभर में कंपनी के ७,१०८ पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
नायरा ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों को इस बढ़ोतरी की वजह बताया है। कंपनी ने २६ मार्च को भी पेट्रोल और डीजल क्रमश: ५ और ३ रुपए महंगा किया था। पश्चिम एशिया में तनाव घटने और कच्चे तेल की कीमतें नरम पड़ने के बाद एक जुलाई को यह वृद्धि वापस ले ली गई थी। अब तेल संकट गहराते ही वही बोझ फिर ग्राहकों की जेब पर डाल दिया गया। फिलहाल इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने इतनी बढ़ोतरी नहीं की है। देश के ९० प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंप इन्हीं सरकारी कंपनियों के पास हैं। जियो-बीपी ने भी अभी कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। ऐसे में नायरा और सरकारी पंपों के दामों में बड़ा अंतर पैदा हो गया है। महंगे डीजल का वार केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। माल ढुलाई महंगी हुई तो सब्जी, अनाज, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी उछलेंगी। अब बड़ा सवाल है कि क्या नायरा की बढ़ोतरी निजी पंपों तक सीमित रहेगी या बाकी तेल कंपनियों भी आम आदमी की जेब पर अगला हमला करने की तैयारी में हैं।
