अनिल मिश्र / पटना
बिहार प्रदेश के गया जिले के ऐतिहासिक नगरी टिकारी शहर के एकमात्र चिल्ड्रेन पार्क के नामकरण को लेकर इन दिनों चर्चा का बाजार गर्म है। पूर्व में पार्क के प्रवेश द्वार पर ‘राजेंद्र बाबू चिल्ड्रेन पार्क’ का बैनर लगाया गया था, लेकिन बाद में नगर परिषद की ओर से वहां ‘टिकारी बाल उद्यान’ का बोर्ड लगा दिया गया। इसके बाद पार्क के नामकरण को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। समाजिक कार्यकर्ता हिमांशु शेखर ने जिला पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं नगर परिषद को पत्र भेजकर चिल्ड्रेन पार्क का नाम ‘ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर बाल उद्यान ‘ रखने तथा परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर इस मांग का समर्थन कई पत्रकार, शिक्षाविद, छात्रगण एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की है। उन्होंने कहा है कि टिकारी के लोगों के लिए राजेंद्र प्रसाद सिंह का नाम श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। वे टिकारी राज इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य थे।विद्यालय परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित है। विद्यालय के खेल परिसर का नाम ‘राजेंद्र प्रसाद सिंह खेल परिसर’ तथा एक द्वार का नाम ‘राजेंद्र द्वार’ रखा गया है।इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु शेखर ने कहा कि राजेंद्र बाबू के नाम पर मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की जानी चाहिए। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का टिकारी से ऐतिहासिक संबंध रहा है। महाराजा गोपाल शरण सिंह के आग्रह पर दिनकर ने टिकारी में अपनी कविताओं का पाठ किया था। विगत कई वर्षों से यहां दिनकर जयंती समारोह भव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्कूली बच्चे उनकी रचनाओं का पाठ कर साहित्य और राष्ट्रप्रेम के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने कहा कि दिनकर की प्रतिमा और उनकी रचनाएं युवाओं में राष्ट्रप्रेम तथा साहित्य के प्रति लगाव बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। पार्क की दीवारों पर दिनकर की प्रसिद्ध रचनाओं की पंक्तियां अंकित की जानी चाहिए। इससे पार्क की अलग पहचान बनेगी और यहां आने वाले बच्चों एवं युवाओं को साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रेरणा मिलेगी।
