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जीआरपी सिपाहियों पर टीटीई से मारपीट और कपड़े फाड़ने का आरोप…निलंबन की मांग पर धरना

राजेश सरकार / ​प्रयागराज

छिवकी रेलवे स्टेशन पर शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के दो सिपाहियों और ऑन-ड्यूटी टीटीई (टीटीई) के बीच हुई मारपीट की घटना से रेल महकमे में हड़कंप मच गया है। घटना के विरोध में दर्जनों टीटीई और रेलकर्मी स्टेशन परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। आक्रोशित कर्मचारियों ने आरोपी सिपाहियों के तत्काल निलंबन और कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की।
​टिकट चेकिंग के दौरान भड़का विवाद, हाथापाई में फटे कपड़े
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रयागराज मंडल में कार्यरत टीटीई अशोक कुमार कुशवाहा छिवकी स्टेशन पर नियमित टिकट चेकिंग ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान जीआरपी सिपाही कमलेश कुमार और उनके एक साथी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि बहस बढ़ने पर सिपाहियों ने आपा खो दिया और टीटीई के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव के बावजूद टीटीई की पिटाई की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।
अवैध वसूली के आरोपों से और गरमाया माहौल
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में रेलकर्मी पीड़ित सहकर्मी के समर्थन में छिवकी स्टेशन पर जुट गए। विवाद के दौरान अवैध वसूली के भी आरोप लगे, जिसने रेलकर्मियों के गुस्से को और भड़का दिया। हालांकि, वसूली के आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का साफ कहना है कि ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों के साथ ऐसी दबंगई और हिंसा किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
​सीओ ने संभाला मोर्चा, कार्रवाई की मांग पर अड़े कर्मचारी
हंगामे की सूचना मिलते ही रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। जीआरपी सीओ अरुण कुमार पाठक ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि, रेलकर्मी आरोपी सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग पर देर तक अड़े रहे।
​इस घटनाक्रम ने स्टेशन परिसर में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा और जीआरपी के अनुशासनात्मक रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस व रेल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है।

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