मुख्यपृष्ठस्तंभजीवन दर्पण : वैदिक विधि से कालसर्प योग का पूजन करवाएं

जीवन दर्पण : वैदिक विधि से कालसर्प योग का पूजन करवाएं

 डॉ. बालकृष्ण मिश्र
विद्यावारिधि (पी.एच.डी-काशी)

प्रश्न: गुरुजी, क्या मेरी कुंडली मांगलिक है? मेरा भविष्य वैâसा है? कृपया बताएं। यदि कोई उपाय है, तो वह भी बताएं, जिससे जीवन का विकास हो।
राहुल पांडेय
जन्म: १ अप्रैल १९८८, जन्म समय: सायंकाल ७:१० बजे, स्थान: जौनपुर
उत्तर: राहुल जी, आपका जन्म शुक्रवार के दिन हुआ है। उस दिन चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा भी थी। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र था। लग्न के आधार पर देखें, तो कन्या लग्न में आपका जन्म हुआ है। आपकी राशि भी कन्या ही बन रही है।
आपकी कुंडली देखें कि क्या आप मांगलिक हैं, तो आपकी कुंडली मांगलिक नहीं है, क्योंकि पंचम भाव में मंगल बैठा है। आपकी कुंडली में मंगल उच्च राशि का होकर पंचम भाव में बैठा है, लेकिन नीचे की दृष्टि से लाभ भाव को देख रहा है। इसलिए संकेत दिखाई दे रहे हैं कि आप अपनी शिक्षा अथवा अपने परिश्रम का पूरी तरह से लाभ नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, क्योंकि मंगल ग्रह अपनी नीच दृष्टि से लाभ भाव को देख रहा है।
लेकिन केतु ग्रह आपकी कुंडली में १२वें भाव में बैठा है और राहु ग्रह छठे भाव में बैठा है। इस कारण अकारण व्यर्थ के खर्च भी होते हैं और अचानक खर्च आ जाते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति डगमगा जाती है। आपकी कुंडली में शेषनाग नाम का कालसर्प योग भी बना हुआ है, जिस कारण गुप्त शत्रुओं के द्वारा भी आपकी हानि होती होगी। आप मानसिक चिंता में भी रहते हैं कि हमारा विकास वैâसे हो। जीवन के विस्तार को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए और वैदिक विधि से कालसर्प योग का पूजन भी करवाना चाहिए।
प्रश्न: गुरुजी, मेरी राशि क्या है और मेरी शिक्षा कैसी होगी? करियर के बारे में भी बताएं।
यश मिश्रा
जन्म: १८ मई २००८, रात्रि १२:४५ बजे, भायंदर, ठाणे
उत्तर: यश जी, आपका जन्म रविवार के दिन हुआ है। स्वाति नक्षत्र के प्रथम चरण में आपकी राशि तुला बन रही है। लग्न के आधार पर देखें, तो मकर लग्न में आपका जन्म हुआ है। मकर लग्न का स्वामी शनि आपकी कुंडली में अष्टम भाव में बैठा है।
आपकी शिक्षा के बारे में देखें, तो शिक्षा के स्थान पर अष्टम से सूर्य और भाग्येश बुध बैठे हुए हैं। सूर्य और बुध यदि पंचम भाव में बैठते हैं, तो शिक्षा अच्छी होती है, लेकिन लग्न में राहु बैठा होने के कारण कभी-कभी कन्फ्यूजन जैसी स्थिति भी बन जाती है। मंगल ग्रह आपकी कुंडली में नीच राशि में बैठा हुआ है। यह चौथे स्थान का स्वामी है और ११वें भाव का भी स्वामी है। इस कारण आपकी कुंडली मांगलिक भी है।
आपकी शिक्षा अच्छी होगी, लेकिन करियर का पूरी तरह से लाभ प्राप्त करने के लिए भविष्य में राहु और केतु के द्वारा जनित कालसर्प योग की पूजा भी करनी चाहिए। जीवन को विस्तार से जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।
प्रश्न: गुरुजी, मेरा करियर कैसा होगा? यदि कोई बाधा है तो उपाय बताएं।
प्रद्युम्न दुबे
जन्म: ११ सितंबर १९९८, प्रातःकाल ६:१५ बजे, भदोही, उत्तर प्रदेश
उत्तर: प्रद्युम्न जी, आपका जन्म शुक्रवार के दिन हुआ है। कृत्तिका नक्षत्र के प्रथम चरण में आपकी राशि मेष बन रही है। लग्न के आधार पर देखें, तो कन्या लग्न में आपका जन्म हुआ है। कन्या लग्न का स्वामी बुध आपकी कुंडली में १२वें भाव में बैठा है। लग्न भाव का स्वामी यदि १२वें भाव में बैठता है, तो करियर बनाने में भी थोड़ी परेशानियां आती हैं और जीवनसाथी का चयन करने में भी थोड़ी परेशानियां आती हैं।
लेकिन आप पुरुषार्थी भी हैं और मेहनती भी। अपने पुरुषार्थ और मेहनत से आप अपने करियर को अच्छा बना सकते हैं। १२वें भाव में राहु ग्रह के साथ सूर्य, बुध और शुक्र बैठे हुए हैं तथा छठे स्थान पर सप्तम भाव के स्वामी बृहस्पति ग्रह के साथ केतु बैठा हुआ है। इस कारण आपकी कुंडली में शेषनाग नाम का कालसर्प योग बना हुआ है।
इस कालसर्प योग के कारण आपको अपनी मेहनत का पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है और आप किसी न किसी प्रकार के कन्फ्यूजन में भी रहते हैं, जिस कारण कभी-कभी हतोत्साहित हो जाते हैं। आपको अपना करियर और जीवनसाथी अनुकूल पाने के लिए शेषनाग नाम के कालसर्प योग का वैदिक पूजन जरूर करना चाहिए।

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