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साइबर ठगों का बढ़ा आतंक, फडणवीस की पुलिस बेअसर ४४ फीसदी बढ़े साइबर अपराध!

-साइबर ठगों का बढ़ा आतंक, फडणवीस की पुलिस बेअसर
फिरोज खान / मुंबई
मुंबई में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। ऑनलाइन ठगी, शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, क्रेडिट-डेबिट कार्ड फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे हथकंडों से आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से अगस्त २०२६ के बीच शहर में साइबर अपराध के ४,२५४ मामले दर्ज किए गए। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा २,९४८ था। यानी साइबर अपराध के मामलों में ४४ फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है।
साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। जनता की गाढ़ी कमाई खुलेआम लूटी जा रही है, लेकिन महायुति सरकार बेफिक्र है। मुख्यमंत्री व गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहमंत्रालय की साइबर पुलिस को हाईटेक करने में कोई दिलचस्पी नहीं है। नतीजतन आम नागरिक ठगी का शिकार हो रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, ऑनलाइन ठगी के २,२८३ मामले सामने आए, इनमें शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के ३०२ मामले और अन्य निवेश संबंधी ठगी के १५६ मामले दर्ज हुए। सरकारी अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने के ९५ नौकरी के नाम पर ७७ और फर्जी वेबसाइट के जरिए ठगी के ७६ मामले सामने आए। इसके अलावा क्रेडिट-डेबिट कार्ड से ऑनलाइन धोखाधड़ी के १,०२० मामले और हैकिंग के २०२ मामले दर्ज किए गए। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि दर्ज किए गए ४,२५४ मामलों में से पुलिस केवल १,१२१ मामलों का पता लगा सकी, जबकि ७९४ लोगों को गिरफ्तार किया गया। ऑनलाइन ठगी के २,२८३ मामलों में से ५३७ का पता चला और ४७१ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जागरूकता सहित कार्रवाई भी जरूरी
पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही है। लेकिन केवल चेतावनी जारी करना पर्याप्त नहीं है। साइबर ठगी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, संदिग्ध बैंक खातों पर तत्काल रोक और ठगी की रकम वापस दिलाने के प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाना जरूरी है।

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