-एमपीएससी छात्रों ने उठाए परीक्षा पर सवाल
सामना संवाददाता / मुंबई
पुणे में एमपीएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन के बीच विश्रामबाग पुलिस ने १५ विद्यार्थी प्रतिनिधियों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि अनुमति रद्द होने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा और यातायात बाधित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई को आंदोलन दबाने की कोशिश बताया है।
पुणे के नवी पेठ इलाके में एमपीएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। लोकसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, लाल बहादुर शास्त्री रोड पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने और यातायात बाधित होने के आरोप में पुलिस ने १५ विद्यार्थी प्रतिनिधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस की शिकायत में सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की बात भी कही गई है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री और विद्यार्थी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद आंदोलन स्थगित किए जाने की सूचना मिली। इसके बाद अनुमति रद्द कर दी गई थी। पुलिस का आरोप है कि सूचना के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा गया।
अध्यक्ष के इस्तीफे की उठी मांग
विद्यार्थी एमपीएससी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और उनका समर्थन कर रहे नेताओं ने मुकदमे दर्ज करने की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए इसे आंदोलन की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। जबकि पुलिस ने अपनी कार्रवाई को अनुमति और यातायात से जुड़े नियमों का उल्लंघन बताया है। मामला दर्ज होना आरोपों का अंतिम फैसला नहीं है। परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पुलिस कार्रवाई, दोनों पर संबंधित पक्षों के दावों की जांच बाकी है।
