अनिल मिश्र / पटना
भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटिओरॉलॉजी (आईआईटीएम) के वैज्ञानिक एफ डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव ने भारत-गंगा के मैदानी क्षेत्र (आईजीपी) तथा हिमालय की तलहटी में रणनीतिक रूप से चयनित छह स्थानों पर एरोसोल नेटवर्क कार्यक्रम की स्थापना के उद्देश्य से दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के परिसर का दौरा किया।डॉ. श्रीवास्तव ने अपनी टीम के साथ विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया तथा पर्यावरण विज्ञान विभाग की पर्यावरणीय मॉडलिंग प्रयोगशाला में विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. प्रधान पार्थ सारथी के सहयोग से नई पीढ़ी के एथेलोमीटर (एई36एस) की स्थापना की। इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार रंजन तथा पृथ्वी, जैविक एवं पर्यावरण विज्ञान विद्यापीठ (एसईबीईएस) के अधिष्ठाता प्रो. रिजवानुल हक उपस्थित थे और इस उपकरण की बारीकियों और इसके उपयोग को समझा। कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के साथ कुलसचिव प्रो नरेंद्र कुमार राणा ने विश्वविद्यालय को मंत्रालय के राष्ट्रीय नेटवर्क कार्यक्रम से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रो. पी. पी. सारथी को बधाई दी।इस संबंध में दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) जन सम्पर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कि प्रो. पी. पी. सारथी भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के स्थानिक बिजली तड़ित नेटवर्क कार्यक्रम का भी समन्वय कर रहे हैं। प्रो सारथी ने कहा कि यह बिहार राज्य में यह पहला एथेलोमीटर निगरानी तंत्र है जो काफी उपयोगी है । यह उपकरण प्रकाश को अवशोषित करने वाले एरोसोल, अर्थात् ब्लैक कार्बन (बीसी), जैवभार दहन तथा उनके संभावित उत्सर्जन स्रोतों का निरंतर और विशिष्ट मापन उपलब्ध कराएगा। इन मापों से क्षेत्र में बादलों के निर्माण, वर्षा तथा उनसे संबंधित संभावित जलवायवीय प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलने की अपेक्षा है। भविष्य में मंत्रालय द्वारा अतिरिक्त एरोसोल मापन, स्वचालित मौसम केंद्र (एडब्ल्यूएस) तथा अन्य वायुमंडलीय मानकों के मापन को एकीकृत करके इस सुविधा को और सुदृढ़ किया जाएगा। इस विस्तारित प्रेक्षण व्यवस्था से एरोसोल, विकिरण, बादलों और वर्षण के बीच पारस्परिक संबंधों तथा क्षेत्रीय मौसम एवं जलवायु पर उनके प्रभावों को अधिक व्यापक रूप से समझने में सहायता मिलेगी।
