-करीब दो दशक पुराना था स्वामी बजरंग दास का आश्रम…दो शिष्य सुरक्षित बचाए गए
सामना संवाददाता / प्रयागराज
गंगा की कटान से गंगानगर जोन के झूंसी क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। बदरा-सनौटी गांव के सामने गंगा की रेती पर बना स्वामी बजरंग दास का करीब 50 फीट ऊंचा तीन मंजिला आश्रम शुक्रवार देर शाम ढहकर नदी में समा गया। हादसे के समय आश्रम में सामान निकालने गए तीन शिष्य इसकी चपेट में आ गए। संदीप निषाद और सोनू पंडित को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि कोटवा निवासी करीब 40 वर्षीय हरीश सिंह लापता हो गए।
पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब सात बजे स्वामी बजरंग दास के तीनों शिष्य आश्रम में रखा सामान निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। झूंसी और दारागंज पुलिस के साथ जल पुलिस की टीमें लापता हरीश सिंह की तलाश में जुटीं। स्वामी बजरंग दास के सुरक्षित होने की जानकारी है।
दो दशक पहले बना था आश्रम
बताया जाता है कि स्वामी बजरंग दास ने करीब दो दशक पहले गंगा किनारे रेती पर आश्रम बनवाया था। हर साल जलस्तर बढ़ने के बावजूद वह आश्रम में रहते थे, लेकिन इस वर्ष भवन की स्थिति कमजोर होने और गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते उन्होंने वहां से हटकर मोटरबोट में रहना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद शिष्य सामान निकालने के लिए आश्रम पहुंचते रहे।
गंगा की कटान के बीच हुई इस घटना ने नदी किनारे स्थित असुरक्षित निर्माणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हादसे के बाद लापता शिष्य की तलाश जारी रही।
