मुख्यपृष्ठस्तंभयूरोप में जेन जी की गूंज ‘फ्यूचर बिकाऊ नहीं...!'

यूरोप में जेन जी की गूंज ‘फ्यूचर बिकाऊ नहीं…!’

-ई राज
– यूरोप की युवा पीढ़ी सड़कों पर
– संघर्ष और सपनों की तलाश!

‘अगर आज हमने अपनी आवाज नहीं उठाई, तो कल हमारा कोई वजूद ही नहीं बचेगा!’ मैड्रिड की एक ठंडी और कोहरे से भरी सुबह में लियान की यह आवाज हवा में गूंज उठी। ठीक उसी पल, सड़क के कोने पर पुलिस की एक गाड़ी की नीली बत्तियां चमक उठीं और सायरन की आवाज ने शांति को चीर दिया। यह सिर्फ एक प्रदर्शन की शुरुआत नहीं थी, बल्कि पूरे यूरोप में सुलग रहे उस असंतोष का विस्फोट था, जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा था।
आज पूरे यूरोप में युवा सड़कों पर उतर आए हैं। बर्लिन से लेकर पेरिस और मैड्रिड तक, जेन-जी पीढ़ी के नौजवान शिक्षा के लिए अपर्याप्त बजट, आसमान छूती महंगाई और सिर पर छत न होने के दर्द से जूझ रहे हैं। लियान, जो खुद इतिहास की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी एक छोटी सी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहा है, इस आंदोलन का चेहरा बन चुका था। उसका एक कमरा, जिसका किराया उसकी आधी कमाई खा जाता है, उसके भविष्य की अनिश्चितता की कहानी बयां करता था।
जैसे-जैसे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच का दायरा कम हुआ, लियान ने भीड़ की तरफ देखकर फिर से चिल्लाया, ‘यह लड़ाई सिर्फ हमारी शिक्षा या मकान की नहीं है, यह हमारे सम्मान की लड़ाई है!’ उसकी इस पुकार ने ठंडी हवा में भी एक नई ऊर्जा भर दी। यह दृश्य इस बात का स्पष्ट संकेत था कि यूरोप की यह युवा पीढ़ी अब और चुप बैठने वाली नहीं है।

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