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महायुति में खजाने की चाबी पर खींचतान!

 -सुनेत्रा पवार ने फडणवीस से कहा, वित्त विभाग लौटाइए

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र की महायुति सरकार में वित्त विभाग को लेकर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर वित्त मंत्रालय पार्टी को वापस सौंपने की मांग की है।
रविवार को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पर हुई बैठक में छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। जनवरी २०२६ में अजीत पवार के निधन के बाद वित्त विभाग मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने पास रख लिया था। एनसीपी का कहना है कि महायुति में विभागों के बंटवारे के अनुसार वित्त मंत्रालय उसके हिस्से में था और इसे वापस देने का आश्वासन दिया गया था।
भुजबल बोले, दूसरा विभाग मंजूर नहीं
वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल ने स्पष्ट किया कि पार्टी की मांग वित्त विभाग की ही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन विभाग सौंपने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई। भुजबल का कहना है कि राज्य में सूखा राहत, किसानों की कर्जमाफी और आर्थिक सहायता के लिए धन की व्यवस्था चल रही है।
इन प्रक्रियाओं के बाद शीतकालीन अधिवेशन से पहले विभाग मिलने की संभावना है। हालांकि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से विभाग हस्तांतरण का औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
सत्ता का सवाल या बजट पर नियंत्रण?
वित्त विभाग राज्य के बजट, सरकारी खर्च, योजनाओं के लिए धन आवंटन और वित्तीय प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए यह मंत्रालय राजनीतिक दृष्टि से भी प्रभावशाली माना जाता है। इस बीच एनसीपी नेताओं ने दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस गुटों के विलय की अटकलों को खारिज किया है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री वित्त विभाग दादा गुट को कब सौंपते हैं। महायुति में फिलहाल सरकार एक है, लेकिन खजाने की चाबी किसके हाथ रहेगी; इस सवाल का जवाब अभी बाकी है!

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