-लता मंगेशकर संगीत विद्यालय रद्द कर महापौर निवास बनाने के भाजपा के फैसले पर विवाद
सुरेश गोलानी / मुंबई
मीरा-भायंदर में शिंदे गुट और भाजपा के बीच एक और बड़ा सियासी संग्राम छिड़ गया है। लता मंगेशकर संगीत विद्यालय को रद्द कर वहां महापौर निवास बनाने के भाजपा के कथित फैसले ने शिंदे गुट और भाजपा को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
मीरा रोड स्थित सेवन इलेवन स्कूल के पास मनपा के मैदान की १५ प्रतिशत जगह पर इस गुरुकुल-शैली के संगीत विद्यालय का निर्माण किया जा रहा था। लगभग तीन साल पहले, २७ सितंबर २०२३ को उषा मंगेशकर सहित मंगेशकर परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में इसका भूमिपूजन किया गया था। इस परियोजना के लिए करीब २५ करोड़ रुपये का फंड भी मंजूर किया गया था। हैरानी की बात यह है कि इस संगीत विद्यालय का लगभग ७० प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, इसके बावजूद, सत्ताधारी भाजपा ने अब अपने बहुमतके दम पर इसे बदलकर महापौर निवास बनाने का प्रस्ताव पारित करने का दावा किया है। शिंदे गुट के मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस फैसले का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि जब शहर में पहले से ही एक महापौर निवास मौजूद है, तो दूसरे की क्या जरूरत है? हैरानी की बात यह है कि इस संगीत विद्यालय का लगभग ७० प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके बावजूद, सत्ताधारी दल ने अब इसे बदलकर महापौर निवास बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया।
अपना वर्चस्व साबित करने की लड़ाई
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह विवाद मीरा-भायंदर में अपना वर्चस्व साबित करने के लिए भाजपा और शिंदे गुट के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है। अब देखना यह होगा कि शिंदे गुट के इस आक्रामक रुख के बाद क्या भाजपा अपने कदम पीछे खींचती है, या फिर राज्य की महायुति सरकार में शामिल इन दो घटकों के बीच की यह दरार और गहरी होती है।
