सामना संवाददाता / जौनपुर
त्रेतायुग में पृथ्वी पर असुरों के संहार और धर्म की स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के रूप में अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर अवतार लिया था। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित महदा, बहरीपुर गांव में आयोजित श्रीराम कथा में व्यासपीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी ने उपरोक्त बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्म की पौराणिक कथा सुनने से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और मनुष्य की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पंडित प्रिंस उपाध्याय ने वैदिक विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा कराई। राम जन्म के समय बच्चों और महिलाओं के बीच चॉकलेट, खिलौने तथा द्रव्य लुटाया गया।
इस अवसर पर कमला प्रसाद तिवारी (बड़े बाबू), पूर्व प्रधान राम जियावन तिवारी, पूर्व प्रधानाचार्य भानु प्रताप यादव, दरोगा लाल बहादुर यादव, डॉ. कृष्ण कुमार तिवारी, समाजसेवी वीरेंद्र उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, पत्रकार शिवपूजन मिश्रा, युवा समाजसेवी खरपत्तू निषाद, वीरेंद्र सिंह, प्रमोद तिवारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
अंत में उपाध्याय परिवार की ओर से रामजी उपाध्याय के दोनों पुत्रों, मुंबई के उद्योगपति हरिवंश उपाध्याय और जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रघुवंश उपाध्याय ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
08 जून से प्रारंभ कथा का समापन 14 जून को होगा। 15 जून को महाप्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया है। कथा का समय शाम 5 बजे से 8 बजे तक रखा गया है। कथा के संयोजक रामजी उपाध्याय ने सभी श्रद्धालुजनों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर कथा श्रवण का लाभ उठाने का निवेदन किया है।
