मुख्यपृष्ठग्लैमरकाशी के आध्यात्मिक रस में सरोवर हुईं अदिति गौतम

काशी के आध्यात्मिक रस में सरोवर हुईं अदिति गौतम

हिमांशु राज

फिल्म जगत की चर्चित अदाकारा और मॉडल अदिति गौतम ने अपने पति मिखाइल के साथ काशी की पावन नगरी का भ्रमण कर अपनी आस्था और आध्यात्मिक भावनाओं को प्रकट किया। अदिति ने काल भैरव, काशी विश्वनाथ, मृत्युंजय महादेव, मार्कंडेय महादेव और बटुक भैरव के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि वाराणसी की यह यात्रा उनके लिए केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मिक संतोष और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति भी प्रदान करती है। हिंदू परंपरा में काशी को मोक्षधाम कहा गया है और यहां की हर गली, हर घाट भक्ति और साधना की गवाही देते हैं। अदिति गौतम ने भी इस अद्वितीय अनुभव को महसूस करते हुए कहा कि काशी की ऊर्जा और वातावरण ऐसा है, जो व्यक्ति को भीतर से बदल देता है। उन्होंने गंगा आरती में हिस्सा लिया, जिस का आयोजन चंद्रग्रहण के कारण सूतक काल की मर्यादा निभाते हुए दोपहर में छत पर किया गया था। घाटों पर बाढ़ का असर होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। अदिति ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे विशेष आध्यात्मिक अनुभूतियों में से एक बताया।
अभिनेत्री ने स्पष्ट कहा कि फिल्मी दुनिया का चकाचौंध भरा जीवन अक्सर इंसान को भीतर से थका देता है। ऐसे में वाराणसी जैसी दिव्य नगरी का सफर आत्मा को नई ऊर्जा और शांति से भर देता है। उनके अनुसार, काशी की इस यात्रा ने उन्हें यह अहसास कराया कि जीवन का असली आनंद भक्ति और आत्मिक जुड़ाव में है। अदिति ने कहा कि उन्होंने यहां महसूस किया कि जब इंसान ईश्वर की शरण में जाता है तो उसके सभी सुख-दुख गौण हो जाते हैं।
गंगा आरती में शामिल होकर उन्होंने माना कि इस अद्भुत परंपरा से सिर्फ धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के प्रति गहरा सम्मान भी जागता है। अदिति के लिए काशी केवल एक नगर नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता का जीवित स्वरूप है, जहां दर्शन और पूजा-पाठ के माध्यम से आत्मा की शुद्धि और जीवन की दिशा दोनों प्राप्त होती हैं। इस यात्रा ने अदिति गौतम को उनके आध्यात्मिक पक्ष से और भी मजबूती से जोड़ दिया है और उन्होंने इसे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।

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