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अधिवक्ता और डॉक्टर विवाद मामला :  न्यायिक जांच के हाई कोर्ट ने दिए आदेश…गिरफ्तारी पर भी रोक

राजेश सरकार / प्रयागराज

इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं और स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के डॉक्टरों के बीच हुए विवाद मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबी सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया है। जांच की जिम्मेदारी न्यायमूर्ति अरुण टंडन को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद कोर्ट आगे की कार्रवाई और आदेश जारी करेगा।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले को लेकर किसी भी पक्ष द्वारा हड़ताल नहीं की जाएगी। न्यायालय ने कहा कि न तो अधिवक्ता चक्काजाम या प्रदर्शन करेंगे और न ही डॉक्टर कामकाज ठप कर हड़ताल पर जाएंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। विशेष रूप से उन दो डॉक्टरों की गिरफ्तारी पर भी रोक लगाई गई है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही थी। अधिवक्ता जागृति शुक्ला प्रकरण में बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट में दो चरणों में सुनवाई हुई। सुबह हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया था, लेकिन अधिवक्ताओं की मांग पर पुनः सुनवाई शुरू की गई, जिसमें मामले से जुड़े अतिरिक्त तथ्यों और दलीलों को प्रस्तुत किया गया।
गौरतलब है कि इस मामले में मंगलवार को भी इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ में सुनवाई हुई थी। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने घटना को लेकर दाखिल दो जनहित याचिकाओं अनिल कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह तथा ममता सिंह एवं 11 अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पुलिस जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब की थी। मामले की अगली सुनवाई और न्यायिक जांच रिपोर्ट पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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